उज्जैन की शाही मस्जिद से जुड़े विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सोमवार को मामले का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने मस्जिद कमेटी और प्रशासन के बीच हुए समझौते को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका डिस्पोज ऑफ कर दी। समझौते के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के करीब 3 फीट हिस्से और एक दुकान को हटाने पर सहमति बनी है।
3 फीट हिस्सा हटाने पर सहमति
मस्जिद कमेटी की ओर से पेश अधिवक्ता कुलदीप पाठक के मुताबिक, प्रशासन और कमेटी के बीच बातचीत के बाद समझौता हुआ है। इसके तहत सड़क के लिए करीब 3 फीट जगह उपलब्ध कराई जाएगी। दुकानों के लिए दूसरी जगह देने और बड़ी मीनार को दूसरी ओर शिफ्ट करने की बात भी सामने आई है। पहले प्रशासन की ओर से अधिक हिस्से को हटाने की मांग की गई थी।
सुबह कार्रवाई के दौरान हुआ हंगामा
इससे पहले सोमवार सुबह सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस के मुताबिक, विरोध कर रही भीड़ की ओर से पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान एक महिला थाना प्रभारी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
बाद में इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कुछ समय बाद फिर पथराव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने दोबारा आंसू गैस का इस्तेमाल किया। नमाज के समय कार्रवाई रोके जाने के बाद स्थिति सामान्य होने लगी।
15 धर्मस्थल सड़क चौड़ीकरण की जद में
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। कंठाल चौराहे से बड़े गोपाल मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग को 15 मीटर तक चौड़ा करने की योजना है। इस प्रक्रिया में सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने वाले निर्माण हटाए जा रहे हैं।
हाईकोर्ट के 9 सितंबर के आदेश में बताया गया था कि प्रस्तावित कार्रवाई से मस्जिद के प्रार्थना कक्ष, करीब 120 फीट ऊंची मीनार और सामने के मजहर चौक शाही का कुछ हिस्सा प्रभावित हो सकता है। कोर्ट ने उस समय सड़क चौड़ीकरण को व्यापक सार्वजनिक हित और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों से जोड़ते हुए याचिकाएं खारिज की थीं।
मस्जिद की उम्र को लेकर अलग-अलग दावे
मस्जिद की उम्र को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर इसे 100 साल से अधिक पुराना बताया गया है, जबकि मस्जिद के इमाम की ओर से इसकी उम्र 600 साल से अधिक होने का दावा किया गया है। इन दावों में अंतर को लेकर भी चर्चा बनी हुई है।
सोमवार की कार्रवाई के बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है और कुछ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस कार्रवाई और पथराव से जुड़े मामलों की जांच जारी है।