सड़क चौड़ीकरण के तहत उज्जैन की शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम शुक्रवार सुबह शुरू हुआ। मस्जिद कमेटी के सदस्य और नुमाइंदा कमेटी के सदस्य फहीम सिकंदर के अनुसार, शहर काजी और कमेटी के पदाधिकारियों की प्रशासन के साथ बातचीत के बाद शांतिपूर्ण तरीके से काम शुरू करने पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह भी काम दोबारा शुरू किया जाएगा और प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
प्रशासन की ओर से नहीं लाई गई JCB या पोकलेन
फहीम सिकंदर ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण का मुस्लिम समाज सम्मान करता है और प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने में सहयोग कर रहा है। उनके मुताबिक, प्रशासन की ओर से शुरुआत में कोई JCB या पोकलेन मशीन नहीं लाई गई। इसके बजाय मस्जिद कमेटी और मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वयं अपने हाथों से मस्जिद की दीवार के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम शुरू किया।
उन्होंने कहा कि कमेटी की कोशिश थी कि धार्मिक स्थल को यथासंभव सुरक्षित रखा जाए। हालांकि, आपसी सहमति नहीं बनने के बाद सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने का निर्णय लिया गया।
तीन से आठ फीट हिस्से को लेकर चर्चा
फहीम सिकंदर के मुताबिक, मस्जिद का कितना हिस्सा हटाया जाएगा, इसे लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। फिलहाल करीब तीन से आठ फीट हिस्से को लेकर चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि चौड़ीकरण की जरूरत और मस्जिद के ढांचे को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
उन्होंने बताया कि काम पूरा होने में करीब सात से आठ दिन लग सकते हैं। आवश्यकता के अनुसार आगे मशीनों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह से काम फिर शुरू होगा और पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
रात में कुछ देर गर्म हुआ माहौल
कमेटी सदस्य के अनुसार, रात में दिनभर में हुए निर्णय की जानकारी सभी लोगों तक नहीं पहुंच पाने के कारण कुछ देर के लिए माहौल गर्म हो गया था। इस दौरान पथराव की स्थिति भी बनी। हालांकि, वरिष्ठ लोगों के हस्तक्षेप और प्रशासन के साथ बातचीत के बाद स्थिति को शांत किया गया।
फहीम सिकंदर ने कहा कि मस्जिद कमेटी और मुस्लिम समाज सड़क चौड़ीकरण के कार्य में सहयोग कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पूरी प्रक्रिया के दौरान शांति और संयम बनाए रखें। उनके मुताबिक, प्रभावित हिस्से को हटाने का काम आपसी सहमति और स्वैच्छिक सहयोग के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।