बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में गांव और आबादी प्रभावित हैं। कई इलाकों में लोगों के सामने भोजन, पीने के पानी और सुरक्षित ठिकाने की समस्या है। इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी एक महीने की सैलरी देने का फैसला किया है। उन्होंने इसका चेक भी सौंप दिया है।
CM सम्राट चौधरी ने राहत कोष में दी सैलरी
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी एक महीने की तनख्वाह मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की। उनका कहना है कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों तक हर संभव मदद पहुंचाना जरूरी है। मुख्यमंत्री खुद भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं। प्रभावित इलाकों तक पहुंचने के लिए उन्होंने नाव, हेलीकॉप्टर और ट्रैक्टर के जरिए कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया है।
अन्य नेताओं ने भी आर्थिक मदद का ऐलान किया
बाढ़ राहत अभियान में दूसरे नेताओं की ओर से भी आर्थिक सहयोग की बात सामने आई है। बीजेपी नेता नितिन नवीन ने अपनी तीन महीने की सैलरी राहत कोष में देने की घोषणा की है। वहीं जेडीयू और चिराग पासवान की पार्टी से जुड़े नेताओं के अलावा कई विधायकों ने भी राहत कोष में अपनी सैलरी देने की बात कही है।
गांवों में राहत और बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों के लिए कई जगह कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं, जहां भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं और राहत शिविरों में लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कुछ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी पाठशालाएं शुरू करने की व्यवस्था भी की गई है।
2500 से ज्यादा गांव प्रभावित
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी केंद्रीय टीम के साथ बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले चुके हैं। उनके मुताबिक, बाढ़ से राज्य के 2500 से ज्यादा गांव और 50 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण किसानों की हजारों एकड़ फसल को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल प्रशासन और सरकार की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाने में जुटी हैं।