हरियाणा की पहचान अब सिर्फ दिल्ली से सटे एक राज्य तक सीमित नहीं है। खेत-खलिहानों से लेकर खेल के मैदानों, फौजी परंपरा, कारोबार और उद्यमिता तक हरियाणा ने देश ही नहीं, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। बीते दशकों में हरियाणा मूल के हजारों लोग यूरोप, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और खाड़ी देशों समेत दुनिया के कई हिस्सों में बसे हैं। हालांकि भौगोलिक दूरी बढ़ी है, लेकिन अपनी मिट्टी और संस्कृति से उनका जुड़ाव आज भी कायम है।
इसी रिश्ते को संस्थागत रूप देने की दिशा में हरियाणा सरकार ने नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार विदेशों में रहने वाले हरियाणा मूल के लोगों को एक मंच पर लाकर पंजीकृत ‘हरियाणवी’ एसोसिएशन के गठन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पहल का उद्देश्य विदेश में बसे हरियाणवियों के बीच सामुदायिक संपर्क मजबूत करने के साथ-साथ उनकी अगली पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखना है।
संस्कृति से लेकर सहयोग तक, एक साझा मंच
सरकार की इस पहल का मकसद केवल सामाजिक संगठन तैयार करना नहीं है। इसके जरिए विदेशों में बसे हरियाणवियों के लिए ऐसा नेटवर्क विकसित करने की परिकल्पना की गई है, जो जरूरत के समय सामुदायिक सहयोग उपलब्ध कराए और नई पीढ़ी के लिए हरियाणवी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों का वाहक बने।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल के तहत विदेशों में रहने वाले हरियाणा मूल के प्रमुख लोगों, उद्योगपतियों, कारोबारियों, पेशेवरों और आम नागरिकों को एक साझा मंच से जोड़ने की योजना है। विदेश सहयोग विभाग इन संगठनों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय करेगा। यह व्यवस्था विदेश में रहने वाले हरियाणवियों से जुड़े मामलों में सहयोग और संपर्क का माध्यम बनने की दिशा में काम करेगी।
रोजगार और कारोबार में बनेगा नेटवर्क
विदेश में नया जीवन शुरू करने वाले लोगों के सामने भाषा, स्थानीय कानून, रोजगार, कारोबार, दस्तावेज, शिक्षा और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़ी कई चुनौतियां होती हैं। ऐसे में एक संगठित सामुदायिक नेटवर्क शुरुआती दौर में महत्वपूर्ण सहयोग उपलब्ध करा सकता है।
प्रस्तावित एसोसिएशन इसी जरूरत को पूरा करने में मदद कर सकती है। विदेश पहुंचने वाले किसी हरियाणवी युवा को रोजगार की तलाश हो, किसी कारोबारी को स्थानीय संपर्कों की जरूरत हो या किसी व्यक्ति को मुश्किल परिस्थिति में सामुदायिक सहयोग चाहिए, तो यह नेटवर्क उसके लिए संपर्क और सहायता का माध्यम बन सकता है।
नई पीढ़ी तक पहुंचेगी हरियाणवी विरासत

सरकार की पहल का एक अहम पहलू हरियाणवी संस्कृति को विदेशों में भी जीवंत बनाए रखना है। संगठित एसोसिएशन के जरिए विदेश में पली-बढ़ी नई पीढ़ी को अपनी भाषा, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
इस तरह हरियाणा सरकार की यह पहल विदेशों में बसे हरियाणवियों के बीच संपर्क मजबूत करने के साथ-साथ हरियाणा और दुनिया के बीच एक सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु विकसित करने की दिशा में कदम है।