हेमा मालिनी की जन्माष्टमी नृत्य प्रस्तुति

धर्मेंद्र के निधन के बाद पहली बार नाचीं हेमा मालिनी, राधा के अंदाज में मनाई जन्माष्टमी

बॉलीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी ने जन्माष्टमी के अवसर पर 'राधा रास बिहारी' नृत्य प्रस्तुति दी, जो धर्मेंद्र के निधन के बाद उनका पहला सार्वजनिक प्रदर्शन था।

By : सोनिया रायकवार
धर्मेंद्र के निधन के बाद पहली बार नाचीं हेमा मालिनी, राधा के अंदाज में मनाई जन्माष्टमी

 

बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने इस बार जन्माष्टमी को अपनी खास नृत्य प्रस्तुति के साथ यादगार बना दिया। उन्होंने अपने चर्चित डांस बैले ‘राधा रास बिहारी’ की प्रस्तुति दी और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। यह प्रस्तुति इसलिए भी खास रही, क्योंकि धर्मेंद्र के निधन के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक डांस परफॉर्मेंस बताया जा रहा है।

राधा के रूप में नजर आईं हेमा मालिनी

वीडियो में हेमा मालिनी पारंपरिक पोशाक और खूबसूरत आभूषणों में नजर आ रही हैं। शास्त्रीय नृत्य की मुद्राओं और भाव-भंगिमाओं के साथ उन्होंने राधा का किरदार मंच पर जीवंत किया। उनके साथ उनकी डांस मंडली के अन्य कलाकार भी प्रस्तुति देते दिखाई दे रहे हैं, जबकि एक कलाकार कृष्ण की भूमिका में नजर आए।

हेमा मालिनी ने इस खास प्रस्तुति की झलक सोशल मीडिया पर साझा करते हुए जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने सभी के जीवन में शांति, खुशियां और समृद्धि की कामना की।


फैंस ने जमकर की तारीफ

धर्मेंद्र के निधन के बाद हेमा मालिनी की यह पहली सार्वजनिक डांस प्रस्तुति होने की वजह से फैंस के लिए यह वीडियो भावुक करने वाला भी रहा। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनकी प्रस्तुति की जमकर तारीफ की। कई फैंस ने उनके डांस, भाव-भंगिमाओं और कृष्ण भक्ति की सराहना करते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका मंच पर वही आकर्षण नजर आता है।

‘राधा रास बिहारी’ है खास डांस बैले

‘राधा रास बिहारी’ हेमा मालिनी की चर्चित नृत्य प्रस्तुतियों में शामिल है। यह बैले राधा-कृष्ण की दिव्य प्रेम कथा पर आधारित है। हेमा मालिनी लंबे समय से शास्त्रीय नृत्य से जुड़ी हुई हैं और भरतनाट्यम की जानी-मानी कलाकार हैं। वह इससे पहले भी कृष्ण और राधा की कथाओं पर आधारित कई डांस बैले प्रस्तुत कर चुकी हैं। उन्होंने कृष्ण से जुड़े कई डांस बैले तैयार किए हैं और भविष्य में मथुरा-वृंदावन में ‘कृष्ण रस फेस्टिवल’ आयोजित करने की इच्छा भी जाहिर की है।

आस्था और कला का दिखा संगम

जन्माष्टमी के मौके पर हेमा मालिनी की यह प्रस्तुति सिर्फ एक डांस परफॉर्मेंस नहीं रही, बल्कि इसमें उनकी कला और कृष्ण के प्रति आस्था का भी संगम देखने को मिला। राधा के रूप में मंच पर उनकी मौजूदगी ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। धर्मेंद्र के निधन के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर इस तरह नृत्य करते हुए हेमा मालिनी का वीडियो फैंस के बीच तेजी से चर्चा में है। उनकी प्रस्तुति ने एक बार फिर साबित किया कि कला और भक्ति उनके जीवन का अहम हिस्सा हैं।

संबंधित सामग्री

जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर के बाहर उर्दू की आयतें फ्लैश, मचा विवाद

जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर के बाहर उर्दू की आयतें फ्लैश, मचा विवाद

इंदौर के बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी के दिन उर्दू में आयतें फ्लैश होने का मामला सामने आया। पुलिस इसे लापरवाही मान रही है और जांच जारी है।

बंदियों को पात्रतानुसार सजा में मिलेगी एक माह की छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बंदियों को पात्रतानुसार सजा में मिलेगी एक माह की छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बंदियों को सजा में छूट देने और महिला बंदियों के लिए खुली जेल की घोषणा की।

CM भजनलाल ने किए श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

CM भजनलाल ने किए श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जन्माष्टमी के अवसर पर पूछरी का लौठा में विशेष पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

ढोल-नगाड़ों से गूंजी श्रीकृष्ण जन्मभूमि, जन्माष्टमी के रंग में डूबी मथुरा; 6 हजार जवानों ने संभाली सुरक्षा

ढोल-नगाड़ों से गूंजी श्रीकृष्ण जन्मभूमि, जन्माष्टमी के रंग में डूबी मथुरा; 6 हजार जवानों ने संभाली सुरक्षा

जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा-वृंदावन में उत्सव का माहौल है। पुलिस और प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित की है।

कान्हा जी के भोग के लिए ऐसे बनाएं परफेक्ट पंचामृत, दूध-दही का जान लें सही अनुपात

कान्हा जी के भोग के लिए ऐसे बनाएं परफेक्ट पंचामृत, दूध-दही का जान लें सही अनुपात

जन्माष्टमी की पूजा में पंचामृत का विशेष स्थान है। दूध-दही का सही अनुपात जानना जरूरी है ताकि पंचामृत स्वादिष्ट और संतुलित रहे।

Advertisement

MP ADD शिक्षा के साथ कौशल भी..3 on 5 september