लखनऊ, 28 सितंबर।* समाजवादी पार्टी के कार्यालय में शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव की एंट्री बैन होने की चर्चाओं को लेकर सियासत गरमा गई है। मीडिया व सोशल मीडिया में चल रही ऐसी खबरों का हवाला देते हुए यूपी भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव सिर्फ उत्तर प्रदेश की जनता से ही नहीं, बल्कि अपने परिवार से भी डरे हुए हैं। वहीं, राष्ट्रीय लोकदल के मुख्य प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने भी इसी मुद्दे पर अखिलेश यादव को घेरा और इसे 'समाजवाद नहीं, राजतंत्र' बताया।
'पहले प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी छीनी, अब कार्यालय में एंट्री पर सवाल'
दिनेश प्रताप सिंह ने शिवपाल यादव के राजनीतिक सफर से जुड़े घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले 2017 में शिवपाल यादव को समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया और हाल में उन्हें लोहिया ट्रस्ट से भी बाहर का रास्ता दिखाए जाने की बात सामने आई। अब शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव की सपा कार्यालय में एंट्री बैन होने को लेकर खबरें सामने आ रही हैं। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया में इस तरह की खबरें आ रही हैं कि समाजवादी पार्टी के कार्यालय में शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव की एंट्री बैन हो गई है। ये अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पहले चाचा को 2017 में प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी से हटाया और अभी हाल-फिलहाल में लोहिया ट्रस्ट से बाहर का रास्ता दिखाया। अब चाचा और भाई की एंट्री कार्यालय में बंद कर देना इस बात को दर्शाता है कि अखिलेश यादव कितने डरे हुए हैं।
BJP प्रवक्ता का आरोप- 'अखिलेश की बुद्धि भ्रष्ट हो गई'
दिनेश सिंह ने अखिलेश यादव पर 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव अपनी हार सुनिश्चित देखकर परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश अपनी हार सुनिश्चित देखकर मानसिक संतुलन खोते जा रहे हैं। ये दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी भी परिवार में एकजुटता आवश्यक है, संगठन में एकजुटता आवश्यक है।
'विनाश काले विपरीत बुद्धि' का दिया उदाहरण
दिनेश प्रताप सिंह ने अपने बयान में 'विनाश काले विपरीत बुद्धि' वाली कहावत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब विनाश का समय आता है तो सबसे पहले बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। आज अपनी हार को देखकर अखिलेश यादव की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। भगवान इन्हें सद्बुद्धि दे। लेकिन इससे एक बात तो तय है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रचंड बहुमत से एक बार पुनः 2027 में बनने जा रही है।
RLD ने भी साधा निशाना, 'ये समाजवाद नहीं, राजतंत्र है'
राष्ट्रीय लोकदल के मुख्य प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने भी शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव की कथित एंट्री को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं को सपा कार्यालय में आने के लिए अखिलेश यादव की अनुमति की जरूरत पड़ रही है। रोहित अग्रवाल ने इसे 'समाजवाद नहीं, राजतंत्र की एक व्यवस्था' बताते हुए अखिलेश यादव पर अपने ही परिवार के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।
'भैया की परमिशन के बाद ही सपा कार्यालय में एंट्री'
रोहित अग्रवाल ने कहा कि अखिलेश यादव ने एक बार पुनः अपने ही परिवार को ठगने का काम किया है। अब शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव बिना अखिलेश यादव की परमिशन के समाजवादी पार्टी के कार्यालय में कदम नहीं रख सकते हैं। उनको आना है तो पहले भैया जी परमिशन देंगे, उसके बाद ही आ सकते हैं। पहले शिवपाल यादव से 2017 में प्रदेश अध्यक्ष का पद छीना, फिर लोहिया ट्रस्ट से उनकी विदा की और अब समाजवादी पार्टी के कार्यालय में भी घुसने के लिए भैया जी की परमिशन की आवश्यकता है। ये किस तरीके का समाजवाद है? रोहित अग्रवाल ने कहा कि 2027 में जनता न सिर्फ इस चीज को देखते हुए वोट देगी बल्कि ये भी देखेगी कि किस तरीके से जो व्यक्ति अपने परिवार का नहीं हुआ, वो जनता का क्या होगा?