लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई दी।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र वितरण हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में...https://t.co/4JvLMvnsfn
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 28, 2026
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने युवाओं के अधिकार, दलितों और पिछड़ों के हितों की अनदेखी की, वही अब नए स्लोगन के साथ अपनी राजनीति का रंग बदल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई तक सीमित था।
छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया है। उनके मुताबिक अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नियुक्ति देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा-कांग्रेस के नेता नियुक्तियों की संख्या गिनते रहें और सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र देती रहेगी। सितंबर में ही कई नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अक्टूबर के पहले सप्ताह से भी नियुक्ति पत्र बांटने का सिलसिला जारी रहेगा।
2017 से पहले की व्यवस्था पर सवाल
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरी का विज्ञापन निकलने के बाद गरीब और बिना राजनीतिक पहुंच वाले परिवारों के युवाओं के बीच आशंका पैदा होती थी। उनके मुताबिक योग्यता होने के बावजूद ऐसे युवाओं के लिए सरकारी नौकरी हासिल करना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता देते हुए इस व्यवस्था को बदलने का काम किया है। 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों का चयन भी उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रक्रिया के तहत हुआ है।
सपा पर विकास और कानून-व्यवस्था को लेकर हमला
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में विकास का लाभ सभी क्षेत्रों तक समान रूप से नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय विकास का केंद्र सैफई रहा, जबकि प्रदेश के दूसरे गांवों और जिलों की पर्याप्त चिंता नहीं की गई। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए माफिया और अराजकता के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने माफिया तंत्र और उपद्रव के खिलाफ कार्रवाई की और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया।
ग्राम सचिवालय से गांवों में सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब गांवों में ग्राम सचिवालय विकसित किए जा रहे हैं। इनमें ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के कार्यालय के साथ लेखपाल, बीसी सखी और पंचायत सहायक के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जन्म, आय और निवास प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं के लिए ग्रामीणों को बार-बार ब्लॉक या तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए पंचायत स्तर पर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
अपनी आय बढ़ाए पंचायत, सरकार देगी अतिरिक्त धन
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतें अपनी जमीन, दुकानों और तालाबों का बेहतर उपयोग कर आय बढ़ा सकती हैं। धार्मिक महत्व नहीं रखने वाले तालाबों में मत्स्य पालन जैसे कार्यों से भी पंचायतों की आय बढ़ाई जा सकती है। मुख्यमंत्री के मुताबिक ग्राम पंचायत जितनी अधिक अपनी आय बढ़ाएगी, सरकार उतनी ही अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों से मॉडल और स्मार्ट ग्राम पंचायत की सोच के साथ काम करने की अपील की।
राजभर और शाही ने भी साधा निशाना
कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा सरकार के समय सरकारी भर्तियों को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय पद के हिसाब से नौकरी के लिए रकम तय होने की बातें सामने आती थीं। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में युवाओं को बिना घूसखोरी और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी देने की दिशा में काम हुआ है।
भगत सिंह का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी ने शहीद भगत सिंह की जयंती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए अपना बलिदान दिया। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कई युवाओं की उम्र भी 20 से 27 वर्ष के बीच है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का उपयोग प्रदेश की प्रगति के लिए करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य आत्मनिर्भर एवं विकसित ग्राम पंचायतों के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को उन्होंने इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।