उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में डॉक्टर राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में 194 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने राज्य में सरकारी भर्तियों को लेकर अपनी सरकार के कामकाज का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ साल में उत्तर प्रदेश में करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि इन भर्तियों में पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा गया और किसी भी नियुक्ति में भेदभाव या लेन-देन का आरोप नहीं लगाया जा सकता।
9.5 लाख युवाओं को मिली नौकरी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब 16 लाख सरकारी कर्मचारी हैं। इनमें से लगभग साढ़े नौ लाख नियुक्तियां उनकी सरकार के कार्यकाल में हुई हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता होने से युवाओं को भरोसा मिलता है और इसका असर संस्थानों के कामकाज पर भी दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया जितनी साफ और पारदर्शी होगी, उसका परिणाम उतना ही बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि चयन में गड़बड़ी या भेदभाव का असर लंबे समय तक पूरे संस्थान को भुगतना पड़ सकता है।
यूपी की अर्थव्यवस्था का जिक्र
मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था करीब तीन गुना हुई है। इसी दौरान प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश के लोगों के सामने पहचान का संकट नहीं है और राज्य कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।
अस्पताल की बदली तस्वीर
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि यह संस्थान पहले केवल 20 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में जाना जाता था। आज यह स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले संस्थान से जुड़ी शिकायतें लगातार आती थीं, लेकिन अब इनमें कमी आई है। उन्होंने संस्थान में हुए बदलाव और बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना की।
मेडिकल रिसर्च पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बीमारियों में हो रहे बदलावों पर लगातार काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और मेडिकल संस्थानों को इलाज के साथ रिसर्च, जांच और नई तकनीक पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मेडिकल डेटा को सुरक्षित रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने के लिए देश के मेडिकल डेटा का इस्तेमाल रिसर्च में होना चाहिए।
डिप्टी CM ने की संस्थान की तारीफ
समारोह में डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने भी संस्थान की प्रगति की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में लोगों के बीच संस्थान की छवि बदली है पाठक ने कहा कि आने वाले वर्षों में यह संस्थान और आगे बढ़ेगा और एक दिन दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने युवाओं को नई दिशा देने में संस्थान की भूमिका की भी बात कही।