गणेश उत्सव के दौरान घरों में भगवान गणेश की पूजा के साथ उनके प्रिय भोग की भी तैयारियां शुरू हो जाती हैं। गणपति बप्पा को मोदक बेहद प्रिय माना जाता है, इसलिए इस दौरान खासतौर पर उकडीचे मोदक बनाए जाते हैं। चावल के आटे से तैयार होने वाले उकडीचे मोदक स्वादिष्ट होने के साथ-साथ देखने में भी बेहद सुंदर लगते हैं। हालांकि, पहली बार मोदक बनाने वालों के सामने अक्सर एक परेशानी आती है। मोदक को आकार देते समय आटा किनारों से फटने लगता है या भाप में पकाते समय इसकी परत टूट जाती है। इससे नारियल और गुड़ की भरावन बाहर निकल सकती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आटे की सही कंसिस्टेंसी और कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप आसानी से मुलायम और बिना फटे उकडीचे मोदक बना सकते हैं।

आटा तैयार करते समय रखें ध्यान
उकडीचे मोदक के लिए चावल के आटे का सही होना सबसे जरूरी है। आटा न तो बहुत सूखा होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा गीला। चावल के आटे को गर्म पानी में डालने के बाद अच्छी तरह मिलाएं। आटा पकने के बाद उसे गर्म रहते हुए ही गूंथना बेहतर रहता है। इससे आटा ज्यादा मुलायम और लचीला बनता है और मोदक को आकार देने में आसानी होती है।
घी या तेल का करें इस्तेमाल
आटा गूंथते समय हाथों पर थोड़ा सा घी या तेल लगा लें। इसके बाद आटे को अच्छी तरह तब तक गूंथें, जब तक वह चिकना और मुलायम न हो जाए। अगर आटा सूखा या कड़ा महसूस हो रहा है, तो इसमें थोड़ा गर्म पानी मिलाया जा सकता है। आटा गूंथने के बाद उसे कुछ देर ढककर रखने से उसकी नमी भी बनी रहती है।
मोदक की परत ज्यादा मोटी न रखें
मोदक बनाते समय लोई को बहुत मोटा न रखें। इसे हाथों से धीरे-धीरे दबाकर पतला और समान रूप से फैलाएं। मोदक के किनारों को थोड़ा पतला रखना जरूरी है। इससे पंखुड़ियां आसानी से बनाई जा सकती हैं और भरावन डालने के बाद मोदक को बंद करने में भी परेशानी नहीं होती।
भरावन ज्यादा न भरें
मोदक के अंदर नारियल और गुड़ की भरावन डालते समय मात्रा का ध्यान रखें। बहुत ज्यादा भरावन डालने पर मोदक को बंद करते समय आटे पर दबाव पड़ सकता है और उसकी परत फट सकती है। पंखुड़ियां बनाने के बाद सभी किनारों को हल्के हाथों से दबाकर अच्छी तरह बंद करें, ताकि भाप में पकाते समय भरावन बाहर न निकले।
स्टीम करते समय भी रखें सावधानी
मोदक को स्टीमर में रखने से पहले प्लेट या छलनी पर हल्का घी लगा दें। चाहें तो साफ सूती कपड़ा भी बिछा सकते हैं। इससे मोदक चिपकने से बचेंगे। मोदक को तेज आंच पर पकाने के बजाय मध्यम आंच पर भाप में पकाना बेहतर रहता है। इससे उनकी परत के टूटने की संभावना कम होती है और मोदक अच्छी तरह पक भी जाते हैं।
इन बातों का रखें खास ध्यान
उकडीचे मोदक बनाते समय सबसे ज्यादा ध्यान आटे की नमी और नरमी पर देना चाहिए। आटा जितना मुलायम और लचीला होगा, मोदक को आकार देना उतना ही आसान होगा। इस गणेश उत्सव में अगर आप पहली बार घर पर उकडीचे मोदक बना रहे हैं, तो आटे को सही तरीके से गूंथने, भरावन की मात्रा सीमित रखने और मध्यम आंच पर भाप में पकाने का ध्यान रखें। इन आसान टिप्स की मदद से मोदक के फटने की समस्या काफी हद तक कम की जा सकती है और आप बप्पा के लिए सुंदर और स्वादिष्ट मोदक तैयार कर सकते हैं।