मथुरा के वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज में दर्शन और दीक्षा की व्यवस्था फिलहाल रोक दिए जाने की जानकारी सामने आई है। यह व्यवस्था कब तक लागू रहेगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, इन बदलावों की आश्रम की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आश्रम में रहने वाले साधक-साधिकाओं की वेशभूषा में भी बदलाव की बात कही जा रही है। पहले साधक-साधिकाएं सफेद मार्किन के कपड़े और पीला अचला पहनते थे। अब सामान्य कपड़ों या कुर्ता-पायजामा में रहने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
आश्रम से जुड़ा पैम्पलेट सामने आया
इन बदलावों से जुड़ा एक पैम्पलेट सामने आया है। इसमें कहा गया है कि हाल की एक घटना को देखते हुए कुछ नए निर्देश जारी किए गए हैं।
पैम्पलेट के मुताबिक, विरक्त या गृहस्थ शिष्य जो किसी व्यवसाय से जुड़े हैं, उन्हें सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनने के लिए कहा गया है। वहीं केली कुंज की सेवा और व्यवस्था से जुड़े गृहस्थ शिष्यों के लिए भी सामान्य वस्त्र या कुर्ता-पायजामा पहनने की बात कही गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि सफेद वस्त्र केवल उन विरक्त शिष्यों को पहनने की अनुमति होगी, जो प्रेमानंद महाराज की सेवा या केली कुंज की व्यवस्था से जुड़े हैं। पैम्पलेट में आगे कुछ और बदलावों की जानकारी बाद में दिए जाने की बात कही गई है।
शिष्य की मौत के बाद बदलाव की चर्चा
इन फैसलों को आश्रम से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में आश्रम की ओर से कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। रसिक दुलारी शरण ने 25 सितंबर को वृंदावन के गुरु कृपा कुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर जान गंवा दी थी। वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और करीब दो साल पहले वृंदावन आए थे। उन्होंने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद अपना नाम दीपक लोधी से बदलकर रसिक दुलारी शरण रखा था। वह बिजली का काम जानते थे और आश्रम में बिजली से जुड़े रखरखाव के काम से जुड़े हुए थे।
कमरे से इलेक्ट्रिक ग्राइंडर बरामद
पुलिस जांच के दौरान कमरे से एक इलेक्ट्रिक ग्राइंडर बरामद होने की जानकारी सामने आई है। उनके शरीर पर भी गंभीर चोटें मिली थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अधिक खून बहने को मौत की वजह बताया गया है। बरामद इलेक्ट्रिक ग्राइंडर की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले वास्तव में क्या हुआ था।
मौत की वजह अब भी जांच का विषय
रसिक दुलारी शरण की मौत से जुड़े कई सवाल अभी पुलिस जांच में हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया और शरीर पर मिली चोटें किस तरह लगीं। मामले को लेकर किसी तरह की अंतिम वजह सामने नहीं आई है। आश्रम से जुड़े लोगों की ओर से भी इस घटना के कारण को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
मामले की जांच के तहत पुलिस आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। सीओ वृंदावन संदीप सिंह और कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार बुधवार शाम पुलिस टीम के साथ केली कुंज आश्रम पहुंचे थे। टीम ने वहां करीब आधे घंटे से ज्यादा समय बिताया और कई लोगों से जानकारी ली। सीओ संदीप सिंह के मुताबिक, अब तक 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों और रसिक दुलारी शरण की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल, केली कुंज में दर्शन और दीक्षा की व्यवस्था में बदलाव तथा साधकों की वेशभूषा को लेकर सामने आई जानकारी पर आश्रम की आधिकारिक स्थिति का इंतजार है।