उत्तर प्रदेश के वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान रसिक दुलारी शरण के रूप में हुई है, जिनका वास्तविक नाम दीपक लोधी बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे वह गुरु कृपा कुंज स्थित आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि मौत की परिस्थितियों को देखते हुए अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
चौथी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल में मौत
जानकारी के मुताबिक, आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद रसिक दुलारी शरण के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। आश्रम से जुड़े लोग उन्हें तत्काल सर्वोदय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना की सूचना पुलिस को कुछ समय बाद मिली। पुलिस ने मौके से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी जांच में शामिल किया है। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है।
शरीर पर गंभीर चोटों के साथ मिली असामान्य स्थिति
पुलिस जांच के दौरान मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के अलावा एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। बताया गया है कि उनके जननांग पर भी चोट थी और वह कटा हुआ पाया गया। इस तथ्य ने मामले की परिस्थितियों को और गंभीर बना दिया है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह चोट घटना से पहले लगी या गिरने के दौरान हुई। इसी वजह से मामले में केवल आत्महत्या की आशंका पर निर्भर रहने के बजाय सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
आत्महत्या या कोई और वजह? जांच में जुटी पुलिस
मृतक दीपक लोधी मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है।
मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों के मध्य प्रदेश से मथुरा पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच से मौत की वास्तविक परिस्थितियों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस आश्रम में मौजूद लोगों से पूछताछ करने के साथ घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रसिक दुलारी शरण की मौत वास्तव में आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।