पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में शनिवार को TMC विधायक कुणाल घोष की कार को भीड़ ने घेर लिया। घटना उत्तरपाड़ा इलाके की बताई जा रही है। घोष श्रीरामपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रहे थे। घटना के दौरान भीड़ ने उनकी गाड़ी पर अंडे फेंके। इस दौरान कार का पीछे वाला शीशा भी टूट गया। विधायक के ऑफिस की ओर से घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया गया है।
‘गो बैक’ के नारे लगाए
वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे नजर आ रहे हैं। पीछे बैठे कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते दिखाई देते हैं। बाहर मौजूद भीड़ ‘गो बैक’ के नारे लगाती नजर आती है और घोष को वापस जाने का इशारा करती है। एक अन्य वीडियो में कुणाल घोष भीड़ के सामने हाथ जोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के दौरान उनकी कार को चारों तरफ से घेरने का दावा किया गया है।
कुणाल घोष ने कहा- यह जंगलराज है
हमले के बाद कुणाल घोष ने घटना को लेकर कहा कि उनकी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गए और रास्ता रोक दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मौके पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। घोष के मुताबिक, वह कोलकाता लौट रहे हैं और मामले की शिकायत लालबाजार या भवानी भवन में दर्ज कराएंगे। TMC नेताओं ने इस घटना के पीछे BJP के शामिल होने का आरोप लगाया है। TMC नेता असित मजूमदार ने कहा कि यह आम लोगों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि पहले से सुनियोजित हमला था। वहीं, उत्तरपाड़ा से BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह लोगों का गुस्सा था।
चार महीने में तीसरी घटना का दावा
TMC की ओर से कुणाल घोष पर हमले की यह तीसरी घटना बताए जाने का दावा किया गया है। इससे पहले 15 जून को कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास से निकलने के दौरान घोष पर अंडा फेंके जाने की घटना सामने आई थी। उस मामले में घोष की शिकायत के बाद पुलिस ने चंदन सिंह और रवि कोयल को गिरफ्तार किया था। दोनों को बाद में जमानत मिल गई थी। इसके बाद अगस्त में गरपार इलाके में घोष के घर, क्लब और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप सामने आया था। उस समय घोष घर पर मौजूद नहीं थे। उनके मुताबिक, कुछ लोगों ने पार्टी ऑफिस के बाहर लगे ममता बनर्जी और उनके पोस्टर-बैनर भी फाड़े थे।
ममता बनर्जी के कार्यक्रमों में भी विरोध
पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यक्रमों के दौरान विरोध की कुछ घटनाएं भी सामने आई हैं। 8 जुलाई को कोलकाता में TMC की रैली के दौरान ममता बनर्जी के कार्यक्रम में अंडे फेंके जाने और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए जाने की खबर सामने आई थी। यह रैली बारुईपुर मामले के विरोध में आयोजित की गई थी। इसके बाद 9 अगस्त को उत्तर 24 परगना के हालीशहर में ममता बनर्जी की कार को प्रदर्शनकारियों द्वारा घेरने का मामला सामने आया। आरोप है कि इस दौरान कार पर कीचड़, चप्पल और पत्थर फेंके गए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी भी की थी।