मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर उत्तराखंड के लिए अतिरिक्त बिजली आवंटित करने का अनुरोध किया था। मानसून के दौरान बिजली उत्पादन प्रभावित होने से उत्तराखंड में संभावित बिजली संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को बड़ी राहत दी है। केंद्र ने उत्तराखंड के लिए 100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली आवंटित करने का आदेश जारी किया है। इससे बारिश के दौरान जल विद्युत परियोजनाओं का उत्पादन कम होने पर राज्य की बिजली जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी।
मानसून में क्यों घटता है बिजली उत्पादन?
उत्तराखंड की बिजली व्यवस्था में जल विद्युत परियोजनाओं की अहम भूमिका है। मानसून के दौरान भारी बारिश से नदियों में सिल्ट बढ़ जाती है, जिससे कई परियोजनाओं में बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा तकनीकी दिक्कतों और बारिश से जुड़ी आपदा की परिस्थितियों के कारण भी बिजली उत्पादन में कमी आ सकती है। ऐसे हालात में राज्य को बिजली की कमी पूरी करने के लिए केंद्रीय कोटे या बिजली बाजार से अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ती है। 100 MW अतिरिक्त कोटा मिलने से यूपीसीएल को बिजली की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
CM धामी ने केंद्र से की थी मांग
मानसून में संभावित बिजली संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर उत्तराखंड के लिए अतिरिक्त बिजली आवंटित करने का अनुरोध किया था। इसके बाद उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने भी केंद्र के स्तर पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। यूपीसीएल के एमडी पीसी ध्यानी ने केंद्रीय ऊर्जा सचिव, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के चेयरमैन समेत वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर अतिरिक्त बिजली कोटा देने की मांग रखी थी।
लगातार पैरवी के बाद मिली राहत
उत्तराखंड सरकार और यूपीसीएल की लगातार पैरवी के बाद गुरुवार को केंद्र सरकार ने 100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली आवंटित करने का आदेश जारी कर दिया। अब जरूरत पड़ने पर इस अतिरिक्त बिजली का इस्तेमाल राज्य की बिजली उपलब्धता बढ़ाने के लिए किया जा सकेगा।
बिजली कटौती की आशंका होगी कम
मानसून के दौरान बिजली की मांग और उत्पादन के बीच संतुलन बनाए रखना उत्तराखंड के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है। किसी जल विद्युत परियोजना में उत्पादन प्रभावित होने पर उपलब्ध बिजली पर सीधा असर पड़ सकता है। ऐसे में अतिरिक्त केंद्रीय बिजली कोटा उत्तराखंड के लिए एक बैकअप व्यवस्था की तरह काम करेगा। इससे बिजली की कमी को समय रहते पूरा करने और संभावित बिजली कटौती की आशंका को कम करने में यूपीसीएल को मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, मानसून के दौरान बिजली उत्पादन में संभावित गिरावट के बीच केंद्र का 100 MW अतिरिक्त कोटा उत्तराखंड की बिजली व्यवस्था के लिए अहम राहत माना जा रहा है।