मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 165 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के 40 जिलों में बारिश हुई। मंदसौर के मल्हारगढ़ में सबसे ज्यादा 6 इंच पानी गिरा। इसके अलावा आगर-मालवा के सोयतकलां में 3 इंच, मंदसौर के सुवासरा में सवा दो इंच और बड़ौद में डेढ़ इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
37 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा
मानसून सीजन खत्म होने में अब करीब 15 दिन बाकी हैं, लेकिन प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश की 88 प्रतिशत पूर्ति ही हुई है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। वहीं, भोपाल और ग्वालियर सहित 18 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है।
अगले चार दिन भारी बारिश का अलर्ट नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में बारिश का सिस्टम अब कमजोर हो गया है। IMD भोपाल ने अगले चार दिनों तक कहीं भी अति भारी या भारी बारिश का अनुमान नहीं जताया है। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पिछले चार दिनों से पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी था।
रतलाम में दीवार गिरने से बच्ची की मौत
रतलाम के नामली थाना क्षेत्र के रुघनाथगढ़ गांव में सोमवार शाम तेज बारिश के दौरान कच्चे मकान की दीवार गिर गई। हादसे में 9 वर्षीय यंशिका चौहान की मलबे में दबने से मौत हो गई। वहीं, 12 वर्षीय प्रीति और 65 वर्षीय मांगूबाई घायल हो गईं। घायलों को रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
पूर्वी एमपी में ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में इस बार रिकॉर्ड बारिश हुई है। निवाड़ी में सामान्य से 49 प्रतिशत, मऊगंज में 44 प्रतिशत और सतना में 34 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मऊगंज में अब तक 54.9 इंच और सतना में 50 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। दूसरी ओर, आलीराजपुर में सिर्फ 16 इंच बारिश हुई है, जिससे पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।