पंजाब में जारी बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जल्द हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो रही है। झारखंड की कोयला खदानों में बाढ़ का पानी भरने से आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसका असर पंजाब सहित देश के कई हिस्सों में बिजली उत्पादन पर पड़ा।
कोयले की उपलब्धता में सुधार
सीएम मान ने बताया कि अब कोयले की उपलब्धता को लेकर स्थिति बेहतर हो रही है। इस संबंध में उनकी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत हुई है। मान ने कहा कि वह दो-चार दिन बाद रांची जाकर सोरेन से मुलाकात करेंगे और सहयोग के लिए उनका आभार जताएंगे।
पचवाड़ा खदान को लेकर बदली व्यवस्था
मुख्यमंत्री के अनुसार, झारखंड स्थित पचवाड़ा कोयला खदान से मिलने वाला कोयला पहले केवल सरकारी थर्मल प्लांटों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। इस व्यवस्था के कारण पंजाब के दो निजी थर्मल प्लांटों को कोयले की आपूर्ति नहीं मिल पा रही थी।
निजी थर्मल प्लांटों को भी मिलेगा कोयला
मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने कोल इंडिया के सामने निजी थर्मल प्लांटों को भी पचवाड़ा खदान से कोयला उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा था। अब कोल इंडिया ने इस पर सहमति दे दी है। इसके साथ ही झारखंड सरकार से जरूरी स्थानीय मंजूरी भी मिल गई है।
पांचों थर्मल प्लांटों की बढ़ेगी क्षमता
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नई व्यवस्था से पंजाब के सभी पांचों थर्मल प्लांटों को पर्याप्त कोयला मिल सकेगा। इससे प्रभावित बिजली उत्पादन इकाइयों को दोबारा शुरू करने में मदद मिलेगी और राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति सुधरने की संभावना है।
मनप्रीत बादल पर राजनीतिक तंज
बिजली संकट के मुद्दे पर बोलते हुए भगवंत मान ने पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल पर भी निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मनप्रीत बादल को किसी एक राजनीतिक पार्टी में रहना चाहिए, क्योंकि अब देश में राजनीतिक दलों की संख्या काफी बढ़ गई है।