राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्...

राम मंदिर गबन मामला

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता से पूछा- इतनी जल्दबाजी क्या है?

राम मंदिर चढ़ावा कथित गबन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि मामले को अवकाश के बाद सूचीबद्ध किया जाएगा।

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार याचिकाकर्ता से पूछा- इतनी जल्दबाजी क्या है

अयोध्या/नई दिल्ली। राम मंदिर चढ़ावा कथित गबन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि आखिर इस मामले में इतनी जल्दबाजी क्यों है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अवकाश समाप्त होने के बाद ही इस याचिका को सूचीबद्ध किया जाएगा।

प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने की बात कही

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई या विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि राज्य सरकार की कार्रवाई पर संदेह है और मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। हालांकि, अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने की बात कही।

ट्रस्ट स्तर पर चढ़ावे के लेखा-जोखा पर बैठक हुई

यह मामला तब सामने आया जब 7 जून को समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए। इसके बाद राजनीतिक स्तर पर यह मुद्दा तेजी से गरमा गया। 8 जून को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की। 9 जून को भाजपा नेता ने भी CBI और ED जांच की मांग की, जबकि उसी दिन ट्रस्ट स्तर पर चढ़ावे के लेखा-जोखा पर बैठक हुई।

सुनवाई को बाद के लिए टाल दिया

10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से रिपोर्ट मांगी। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने सभी आरोपों को खारिज किया। 11 जून को पूर्व लेखा प्रभारी के बयान भी सामने आए, जिससे मामला और चर्चा में आ गया।

इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर SIT जांच शुरू हुई और प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई। इस FIR में कई लोगों को नामजद किया गया है। वहीं ट्रस्ट के दो प्रमुख सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे विवाद और गहरा गया है।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले को तय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने का संकेत दिया है और सुनवाई को बाद के लिए टाल दिया है।

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