झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को रामगढ़ जिले के नेमरा (गोला) स्थित लुकैयाटांड़ में पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अपने पिता को याद करते हुए हेमंत सोरेन भावुक नजर आए।
दादा सोबरन सोरेन के संघर्ष का किया जिक्र

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनके दादा सोबरन सोरेन शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने आदिवासियों के शोषण और महाजनी प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसी वजह से लुकैयाटांड़ में महाजनों और सूदखोरों ने उनकी हत्या कर दी थी।
दिशोम गुरु का संघर्ष हमेशा याद रखा जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिता के बलिदान के बाद दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने गरीबों, आदिवासियों और वंचित समाज के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया। उनका पूरा जीवन आंदोलन और समाज सेवा को समर्पित रहा। हेमंत सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु का संघर्ष और बलिदान इतिहास के पन्नों में हमेशा अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियां उन्हें याद रखेंगी।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ गांडेय विधायक कल्पना सोरेन, मंत्री राधाकृष्ण किशोर, योगेंद्र प्रसाद, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, संजय यादव, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, रामगढ़ विधायक ममता देवी, विधायक अमित महतो, उमाकांत रजक समेत कई जनप्रतिनिधियों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
विकास मेला का भी आयोजन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दोपहर करीब दो बजे हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर लुकैयाटांड़ में विकास मेला और परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को परिसंपत्तियां वितरित कीं।
हजारों लोग श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि और प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों लोग नेमरा पहुंचे। पूरे कार्यक्रम में लोगों ने शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।