पण्डोखर धाम के पीठाधीश्वर एवं त्रिकालदर्शी संत श्री गुरुशरण जी महाराज ने पर्चा लिखकर भविष्य बताने का दावा करने वालों को खुला चैलेंज दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति इस चुनौती में सफलता हासिल करेगा, उसे 1 करोड़ 41 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
दरअसल, पण्डोखर सरकार धाम के व्यवस्थापक सचिन मिश्रा ने बताया कि धाम में आयोजित सत्संग के दौरान श्री गुरुशरण जी महाराज ने यह घोषणा की।
क्या है चुनौती का पूरा फॉर्मूला?
चुनौती के तहत प्रतिभागियों को पांच सवाल दिए जाएंगे। इन सवालों के जवाब उन्हें पहले से लिखकर बताने होंगे। अगर कोई प्रतिभागी पांच में से चार सवालों के भी हूबहू सही जवाब दे देता है, तो उसे 1 करोड़ 41 लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की गई है।
इस चुनौती का उद्देश्य पर्चा लिखकर भविष्य बताने संबंधी दावों की वास्तविकता को सामने लाना बताया गया है। अब इस ऐलान के बाद लोगों की नजरें उन दावेदारों पर हैं, जो भविष्य बताने का दावा करते हैं।
कब और कहां होगी प्रतियोगिता?
यह प्रतियोगिता मध्यप्रदेश के दतिया स्थित पण्डोखर सरकार धाम में आयोजित होने वाले विशाल 5151 कुण्डीय अश्वमेध राजसूय महायज्ञ के दौरान होगी। यह महायज्ञ 20 अप्रैल से 28 अप्रैल 2027 तक आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।
आयोजन से पहले प्रतियोगिता के नियम, पात्रता, पंजीयन प्रक्रिया और निर्णायक व्यवस्था की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
अब सवाल यही है... क्या कोई इस चुनौती को स्वीकार करेगा? और क्या कोई पांच में से चार सवालों के सही जवाब देकर 1 करोड़ 41 लाख रुपये का इनाम जीत पाएगा?