राम मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की चोरी ने सबको चौंका दिया है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, यह चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है। नोटों की गिनती से जुड़े लगभग 50 कर्मचारी संदेह के घेरे में हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों ने अब तक 5 कर्मचारियों से करीब 2 करोड़ रुपए की नकदी, एक कार और 3 IPhone बरामद किए हैं।
सपा सरकार पर हावी
अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित तौर पर चोरी के आरोप मामले में समाजवादी पार्टी सरकार पर हावी है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अविलेश सिंह ने इस मामले में बलिया में पत्रकारों से बातचीत करते वक्त कहा कि इस मामले की जांच सिर्फ SIT ही क्यों कर रही है। केंद्रीय एजेंसी से जांच क्यों नहीं कराई जा रही। उन्होंने इसमें केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराए जाने की मांग की।

सनातन का अपमान
अखिलेश यादव ने रविवार को कहा- राम मंदिर में चढ़ावे में चोरी के बाद कितना दुर्भाग्य है कि अब राम मंदिर और साधुओं की जांच अधिकारी करेंगे। सनातन धर्म के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है। यह सनातन का अपमान है। अगर कोई बात हुई है तो कैमरा बंद करके आपस में बात कर लो और चढ़ावा वापस डाल दो। श्रीराम माफ कर देंगे।
अखिलेश का तंज
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि वहां कैमरे और लाइट बंद कर दो, भगवान श्रीराम के सामने अपने आप कोई चढ़ावा रख जाएगा। दरअसल, UP सरकार ने राम मंदिर में कथित चोरी के मामले में SIT गठित की है। इसमें लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), किरण S. (IPS, आईजी रेंज) और नीलरतन (विशेष सचिव, वित्त) को शामिल किया गया है।
SIT का गठन
4 दिन पहले दिल्ली से IPS अफसर अयोध्या पहुंचे। उन्हें एक स्पेशल विमान लेकर आया था। वह भी श्रीराम जन्मभूमि परिसर में ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बातचीत करके रिपोर्ट बना रहे हैं। वहीं, इसकी जांच के लिए शासन ने एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया है। SIT 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।