मेरठ: चर्चित सौरभ हत्याकांड की आरोपी मुस्कान को गिरफ्तार करने वाली महिला सब-इंस्पेक्टर अनु को निलंबित कर दिया गया है। महिला दरोगा से जुड़ा एक वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आया था। इसके बाद पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन के आरोपों को लेकर कार्रवाई की। अनु मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं और 2023 बैच की सब-इंस्पेक्टर हैं। सौरभ हत्याकांड के समय उनकी तैनाती मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में थी। बाद में उनका ट्रांसफर एसएसपी कार्यालय कर दिया गया था।
सोशल मीडिया वीडियो को लेकर शिकायत
महिला दरोगा के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर एक यूट्यूबर ने शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अनु सोशल मीडिया पर वीडियो और रील्स पोस्ट करती थीं। कुछ वीडियो में QR कोड भी दिखाई देता था, जिसे डोनेशन से जोड़कर सवाल उठाए गए। शिकायतकर्ता ने वीडियो जारी कर उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की थी।
‘Ani Colliss’ नाम से था अकाउंट
बताया गया है कि महिला दरोगा का इंस्टाग्राम अकाउंट ‘Ani Colliss’ नाम से था। प्रोफाइल में खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस की सब-इंस्पेक्टर बताया गया था। अकाउंट पर बड़ी संख्या में पोस्ट मौजूद थीं और यूट्यूब चैनल का लिंक भी प्रोफाइल में दिया गया था। पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सामने आई शिकायत और वीडियो का संज्ञान लिया। इसके बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की गई।
मुस्कान को गिरफ्तार करने वाली टीम में थीं अनु
अनु वही महिला दरोगा हैं, जिन्होंने 2025 के चर्चित सौरभ हत्याकांड में आरोपी मुस्कान को गिरफ्तार किया था। उस समय अनु ब्रह्मपुरी थाने में तैनात थीं। मामला सामने आने के बाद मुस्कान की गिरफ्तारी और उससे जुड़ी पुलिस कार्रवाई काफी चर्चा में रही थी। महिला दरोगा ने उस दौरान मुस्कान के साथ का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था।
वीडियो की साइबर जांच भी होगी
पुलिस अब महिला दरोगा से जुड़े सोशल मीडिया वीडियो की साइबर स्तर पर भी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो वास्तविक है या उसमें किसी तरह की एडिटिंग या छेड़छाड़ की गई है। इसके अलावा, महिला दरोगा के इंस्टाग्राम और यूट्यूब चैनल की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
विभागीय जांच के आदेश
मामले की विभागीय जांच CO कार्यालय की अधिकारी सौम्या सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मेरठ के एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि मामले में विभागीय जांच के साथ साइबर स्तर पर भी पड़ताल कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, पद पर रहते हुए इस तरह की सोशल मीडिया गतिविधियां विभाग की सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन की श्रेणी में आती हैं। इसी आधार पर महिला दरोगा को निलंबित किया गया है।रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो हटवा दिए गए हैं और महिला दरोगा का संबंधित अकाउंट भी डिलीट किया गया है।