मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों से जुड़े सेवा रिकॉर्ड और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी सरकारी विभागों में ई-एचआरएमएस और डीई पोर्टल लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। सभी विभागों को 30 सितंबर तक इन पोर्टल को अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
नियुक्ति से सेवानिवृत्ति तक डिजिटल रिकॉर्ड
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी की नियुक्ति से लेकर सेवानिवृत्ति तक की पूरी सेवा जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। इससे कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के साथ ही जरूरत पड़ने पर जानकारी को आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा। कर्मचारियों को एक 360 डिग्री डिजिटल सेवा प्रोफाइल उपलब्ध होगी।
छुट्टी से लेकर ट्रांसफर तक प्रक्रिया होगी आसान
ई-एचआरएमएस के जरिए अवकाश, भ्रमण, पदोन्नति, स्थानांतरण और पदस्थापना जैसी प्रक्रियाओं को तेज और पारदर्शी बनाने की तैयारी है। कर्मचारियों को अपनी वेतन पर्ची, जीपीएफ, अवकाश और सेवा-वृत्त से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इससे कागजी प्रक्रिया और अनावश्यक देरी को कम करने में मदद मिलेगी।
गोपनीय रिपोर्ट और जांच की ऑनलाइन निगरानी
सरकार की नई डिजिटल व्यवस्था में वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन और कार्य निष्पादन प्रतिवेदन की भी ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इसके अलावा कर्मचारियों से जुड़े विभागीय जांच मामलों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा भी मिलेगी। इससे मामलों की प्रगति पर नजर रखना आसान होगा और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
दूसरे डिजिटल सिस्टम से होगा एकीकरण
ई-एचआरएमएस और डीई पोर्टल को आईएफएमआईएस, स्पैरो समेत अन्य सरकारी डिजिटल प्रणालियों से एकीकृत किया जाएगा। सरकार ने सभी विभागों को कर्मचारियों और अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने तथा पोर्टल के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं।
IAS अधिकारियों की समिति करेगी निगरानी
कर्मचारियों के रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन की जिम्मेदारी के लिए सरकार ने आईएएस अधिकारियों की समिति भी गठित की है। सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अंकित अस्थाना समिति के अध्यक्ष होंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के उप सचिव सुधीर कोचर और एमपीएसईडीसी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख सदस्य होंगे, जबकि सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव सचिन्द्र राव को सदस्य सचिव बनाया गया है।