भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने रिमोट का बटन दबाकर विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने मध्यप्रदेश में डेयरी क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इन परियोजनाओं को प्रदेश में दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण और डेयरी से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उज्जैन में बनेगा बड़ा दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट
केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया। इस प्लांट की प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की क्षमता होगी। इसके अलावा भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया गया। भोपाल में ही 12.42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का भी उद्घाटन हुआ। वहीं, शिवपुरी में 6.5 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया गया।
डेयरी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाने के साथ डेयरी अधोसंरचना को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इससे दूध उत्पादकों और डेयरी से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह ने भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ के सदस्यों को सिंगल क्लिक के माध्यम से बोनस राशि वितरित की। पंजीकृत गौशालाओं को भी सहायता राशि दी गई। इसके साथ ही दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ रुपये का लाभांश वितरित किया गया।
गौपालक दीदियों का सम्मान, हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र
सम्मेलन में पांच गौपालक दीदियों को सम्मानित किया गया। वहीं, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में ‘मध्यप्रदेश में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात’ और कृषि वर्ष विशेष पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश में दुग्ध सहकारिता को बढ़ावा देने, पशुपालकों को योजनाओं से जोड़ने और डेयरी क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया।