मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। संशोधित प्रावधानों में महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष और पार्षद पद के उम्मीदवारों के नामांकन, जमानत राशि और चुनावी खर्च के लेखे से जुड़े नियम शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर 26 नवंबर 2025 को इन संशोधनों और निर्वाचन व्यय संबंधी आदेश दर्ज किए गए हैं।
महापौर और अध्यक्ष की जमानत राशि बढ़ी
संशोधित प्रावधानों के अनुसार महापौर पद के उम्मीदवार को अब 32 हजार रुपये की जमानत राशि जमा करनी होगी। वहीं नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारों की जमानत राशि 24 हजार रुपये निर्धारित की गई है। पार्षद पद के उम्मीदवारों के लिए भी जमानत राशि से जुड़े प्रावधान संशोधित नियमों के तहत लागू होंगे।
नामांकन की समय-सीमा में बदलाव
नए नियमों के तहत नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के लिए सात दिन से कम की समय-सीमा नहीं रखी जाएगी। निर्धारित अवधि का सातवां दिन यदि सार्वजनिक अवकाश है, तो उसके अगले कार्यदिवस को नामांकन की अंतिम तारीख माना जाएगा। एक ही पद के लिए किसी उम्मीदवार की ओर से एक से अधिक नामांकन पत्र जमा किए जाने पर अतिरिक्त नामांकन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
चुनावी खर्च के लिए अलग बैंक खाता
महापौर, नगरपालिका और नगर परिषद अध्यक्ष के साथ पार्षद पद के उम्मीदवारों को चुनावी आय-व्यय का रिकॉर्ड रखने के लिए अलग बैंक खाता खोलना होगा। नामांकन पत्र दाखिल करते समय इस खाते की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। चुनाव से जुड़ी प्राप्तियों और खर्च का विवरण इसी खाते के माध्यम से रखने का प्रावधान किया गया है।
नामांकन से मतगणना तक खर्च का हिसाब
उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीख से लेकर मतगणना की तारीख तक हुए संबंधित चुनावी खर्च का लेखा प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित समय में चुनावी खर्च का हिसाब प्रस्तुत नहीं करने पर राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत कार्रवाई और अयोग्यता की प्रक्रिया लागू हो सकती है।
खर्च से जुड़े दस्तावेज भी रखने होंगे सुरक्षित
उम्मीदवारों को चुनाव से जुड़े खर्च का पूरा रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे। अलग बैंक खाते की व्यवस्था का उद्देश्य चुनावी प्राप्तियों और खर्च का व्यवस्थित लेखा रखना है।
महापौर और अध्यक्ष को वापस बुलाने की प्रक्रिया
संशोधित नियमों में महापौर और अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने की प्रक्रिया से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। इसके लिए मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम और नगर निगम अधिनियम के संबंधित प्रावधानों तथा राज्य निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। वहीं मृत्यु, त्यागपत्र, निर्वाचन रद्द होने या किसी अन्य कारण से पद रिक्त होने पर इसकी सूचना निर्धारित समय-सीमा में जिला निर्वाचन अधिकारी को देने का प्रावधान है।
नियमों का मकसद चुनावी प्रक्रिया में स्पष्टता
इन बदलावों में नामांकन प्रक्रिया, उम्मीदवारों की जमानत राशि और चुनावी खर्च के लेखे को लेकर नियमों को स्पष्ट किया गया है। उम्मीदवारों के लिए अलग बैंक खाते और खर्च का रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था चुनावी व्यय के दस्तावेजीकरण से जुड़ी है।