मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में स्थित संयुक्त बालिका छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पानी की कमी, बंद पड़े उपकरण और भोजन की गुणवत्ता को लेकर नाराज छात्राएं पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने प्रशासन के सामने हॉस्टल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग रखी।
पानी की भारी किल्लत
छात्राओं के मुताबिक, 150 सीटर छात्रावास में पीने और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि ट्यूबवेल और नल दिन में केवल आधे से एक घंटे तक ही चलते हैं। ऐसे में उन्हें पानी के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। छात्राओं ने यह भी बताया कि हॉस्टल में लगे वाटर कूलर, गीजर और सैनेटरी पैड वेंडिंग मशीन लंबे समय से बंद हैं। इससे छात्राओं को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
खाने की गुणवत्ता पर सवाल
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि कई बार मेन्यू के अनुसार खाना नहीं दिया जाता और सब्जियों में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आती रही है। छात्राओं के मुताबिक, भोजन की खराब गुणवत्ता के चलते दो सिकलसेल पीड़ित छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उनकी तबीयत बिगड़ने की वजह और भोजन से इसके संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
अधिकारी ने दिया समाधान का भरोसा
छात्राओं के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद सहायक आयुक्त आदिवासी विकास रंजना सिंह मौके पर पहुंचीं और छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में बने छात्रावास भवन में निर्माण से जुड़ी कुछ तकनीकी खामियां सामने आई हैं। नया नल कनेक्शन मिलने तक टैंकर के जरिए पानी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
PIU को लिखा जाएगा पत्र
छात्रावास भवन की निर्माण संबंधी कमियों को दूर कराने के लिए पीआईयू (PIU) को पत्र लिखने की बात भी कही गई है। प्रशासन की ओर से छात्राओं की पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रावास में पानी, भोजन और बंद पड़े उपकरणों की समस्या कितनी जल्दी दूर होती है।