मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर सादगी, मितव्ययिता और सुशासन का संदेश देते हुए अनूठी पहल की। रविवार को मुख्यमंत्री अपने मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों के साथ भोपाल से जगदीशपुर के लिए इलेक्ट्रिक बस में रवाना हुए, जहां कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल सरकारी खर्च में बचत का संदेश देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

अनावश्यक खर्चों में कटौती के लिए प्रतिबद्ध
आमतौर पर कैबिनेट बैठकों में मंत्री अलग-अलग सरकारी वाहनों से पहुंचते हैं, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों के साथ एक ही इलेक्ट्रिक बस में यात्रा कर सादगी और सामूहिकता का उदाहरण प्रस्तुत किया। इस पहल से यह संदेश भी गया कि सरकार संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और अनावश्यक खर्चों में कटौती के लिए प्रतिबद्ध है।
स्वच्छ परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित करता
इलेक्ट्रिक बस का उपयोग राज्य सरकार की हरित परिवहन नीति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की खपत को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है, और मुख्यमंत्री का यह कदम आम लोगों को भी स्वच्छ परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।

पर्यावरण संरक्षण में भूमिका
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले भी कई अवसरों पर सादगीपूर्ण कार्यशैली और जनहित से जुड़े फैसलों के कारण चर्चा में रहे हैं। इस बार मंत्रियों के साथ इलेक्ट्रिक बस से यात्रा कर उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जनप्रतिनिधियों को भी संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
व्यवहार समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता
मुख्यमंत्री की इस पहल की राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी सराहना हो रही है। इसे सुशासन, पारदर्शिता, मितव्ययिता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं और जनप्रतिनिधियों का व्यवहार समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है।