जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों का विरोध बढ़ता जा रहा है। सोमवार को किसानों ने चंडीगढ़-कुराली रोड जाम कर प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी उपजाऊ जमीन को गलत तरीके से ग्रीन बेल्ट में शामिल किया गया है, जबकि नदी और उसके आसपास की जमीन को आर-जोन में रखा गया है। मलिकपुर निवासी किसान रमन ने कहा कि मलिकपुर, वजीदपुर और ईशामपुर गांवों की जमीनें अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल की जा रही हैं। किसानों का दावा है कि जमीनों का सर्वे किए बिना ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
आपत्तियों पर नहीं मिला जवाब
किसानों का कहना है कि उन्होंने जमीन अधिग्रहण को लेकर अधिकारियों के पास आपत्तियां दर्ज कराई हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। किसानों ने जोनिंग में बदलाव पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले करतारपुर में प्रस्तावित एजुकेशन जोन को अब ईशामपुर और मलिकपुर की ओर किया जा रहा है। किसानों के मुताबिक, इससे स्थानीय लोगों की कृषि भूमि प्रभावित होगी।
GAMADA की प्रक्रिया पर सवाल
किसानों ने GAMADA की नई पॉलिसी के तहत चल रही अधिग्रहण प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने एयरपोर्ट रोड के आसपास पहले हुए करीब 3,500 एकड़ जमीन अधिग्रहण का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि GAMADA अधिकारियों के पास आपत्तियां लेकर जाने पर उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। उन्होंने प्रशासन से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से करने की मांग की है।
मंगलवार को DC से बैठक
प्रदर्शन के बाद किसानों ने फिलहाल धरना उठा लिया है। मंगलवार को किसानों की DC के साथ बैठक तय है। किसानों को उम्मीद है कि बैठक में जमीनों की जोनिंग, सर्वे और अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों पर समाधान निकलेगा।
रंजीत गिल ने दिया किसानों को समर्थन
बीजेपी नेता रंजीत गिल ने प्रदर्शन के दौरान किसानों को संबोधित किया। उन्होंने जमीनों की जोनिंग और अधिग्रहण को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। गिल ने दावा किया कि कुछ लोग पहले उपजाऊ या प्राइम जमीन को ग्रीन बेल्ट या एजुकेशन जोन में शामिल करवाते हैं। इसके बाद जमीन की कीमत कम होने पर उसे खरीदा जाता है और जोन बदलने के बाद उसकी कीमत कई गुना बढ़ जाती है।
किसानों के साथ खड़े रहेंगे
गिल ने कुराली में बिल्डरों से जुड़ी जमीनों की जोनिंग पर भी सवाल उठाए और कुछ स्थानीय लोगों व अधिकारियों की भूमिका होने का आरोप लगाया। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि बीजेपी उनके साथ खड़ी है। गिल ने कहा कि किसानों के आगामी धरने या कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेंगे। अब मंगलवार की DC के साथ होने वाली बैठक पर किसानों और प्रशासन की नजर है। बैठक में समाधान नहीं निकलने पर किसान आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।