राजगढ़ के ब्यावरा के 21 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू ने साबित कर दिया कि बदलाव के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा मजबूत इरादे की जरूरत होती है। B.Sc. के छात्र बिट्टू ने प्रदूषित अजनार नदी की सफाई का बीड़ा अकेले उठाया और सिर्फ फावड़े की मदद से नदी से कचरा निकालना शुरू किया।
गणतंत्र दिवस पर शुरू की सफाई
बिट्टू अक्सर अजनार नदी के किनारे स्थित मंदिर में जाते थे। नदी में जमा गंदगी, पॉलीथीन और कचरे को देखकर उन्हें काफी तकलीफ होती थी। इसके बाद उन्होंने शिकायत करने के बजाय खुद सफाई करने का फैसला लिया। 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के दिन उन्होंने नदी की सफाई शुरू कर दी।
अकेले जुटे रहे, सोशल मीडिया पर छाए
शुरुआत में बिट्टू अकेले ही नदी की सफाई करते रहे। उन्होंने नदी की पहले और बाद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, जिसके बाद उनकी मुहिम तेजी से वायरल हो गई। लोगों ने उनके प्रयास की सराहना की और देखते ही देखते बिट्टू की पहल की चर्चा पूरे क्षेत्र में होने लगी।
बजट नहीं था, फिर भी नहीं रुके
बिट्टू ने बताया कि उन्होंने नदी से कचरा निकालने के लिए एक मशीन बनाने का विचार भी किया था, लेकिन बजट की कमी के कारण ऐसा नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और फावड़े के सहारे लगातार सफाई करते रहे।
नगर पालिका ने JCB-पोकलेन से दिया साथ
बिट्टू की मेहनत को देखकर ब्यावरा नगर पालिका ने भी उनका साथ दिया। नदी में जमा कचरे और पॉलीथीन को हटाने के लिए JCB और पोकलेन मशीनें लगाई गईं। इससे सफाई अभियान को और रफ्तार मिली और बिट्टू की व्यक्तिगत पहल अब सामूहिक प्रयास में बदल गई।
CM Dr मोहन यादव ने की बिट्टू की सराहना
बिट्टू के इस सराहनीय प्रयास की प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने बिट्टू से मुलाकात कर उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री की ओर से मिले प्रोत्साहन ने बिट्टू की मुहिम को और मजबूती दी।
युवाओं के लिए बनी मिसाल
बिट्टू की कहानी यह संदेश देती है कि बदलाव के लिए हमेशा बड़े संसाधनों का इंतजार जरूरी नहीं है। एक व्यक्ति भी मजबूत इरादे के साथ बदलाव की शुरुआत कर सकता है। अजनार नदी की सफाई के लिए बिट्टू की पहल आज युवाओं के लिए प्रेरणा और पूरे शहर के लिए एक मिसाल बन गई है।