किसान आंदोलन तेज

चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों का फिर जोरदार प्रदर्शन, 7 सितंबर तक जारी रहेगा पड़ाव

चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है, 32 किसान जत्थेबंदियों का सामूहिक प्रदर्शन जारी है, सरकार से मांगों पर कार्रवाई की उम्मीद।

By : सोनिया रायकवार
चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों का फिर जोरदार प्रदर्शन, 7 सितंबर तक जारी रहेगा पड़ाव

 

चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। बड़ी संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर बॉर्डर पर जुटे हुए हैं। 32 किसान जत्थेबंदियों से जुड़े किसानों ने 1 सितंबर से यहां पड़ाव डाला हुआ है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि उनका यह पड़ाव 7 सितंबर तक जारी रहेगा। वहीं, अगर सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है।

32 किसान जत्थेबंदियों का एकजुट होकर प्रदर्शन

किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चंडीगढ़ बॉर्डर पर मोर्चा संभाला हुआ है। 32 किसान जत्थेबंदियों से जुड़े किसान एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी देखने को मिली। किसान नेताओं का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर अभी तक सरकार की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई गई है। इसी वजह से किसानों ने अपना संघर्ष जारी रखने का फैसला किया है।

7 सितंबर तक जारी रहेगा किसानों का पड़ाव

किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि फिलहाल चंडीगढ़ बॉर्डर पर लगाया गया पड़ाव 7 सितंबर तक जारी रहेगा। किसान अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, आने वाले दिनों में प्रदर्शन और तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है।

सरकार को दिया गया अल्टीमेटम

किसान नेता हरविंदर सिंह लखोवाल ने गुरुवार को कहा कि तीन दिनों से चल रहे किसान मोर्चे को लेकर अभी तक न राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार ने किसानों की मांगों पर गौर किया है। किसान नेताओं ने सरकार को समयसीमा देते हुए कहा था कि अगर शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक मांगों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो शाम 5 बजे के बाद अगले संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। इस घोषणा के बाद आंदोलन को लेकर स्थिति और गंभीर हो गई है।

मांगें नहीं मानी गईं तो बढ़ सकता है आंदोलन

हरविंदर सिंह लखोवाल ने पंजाब के किसानों से संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की है। किसान नेताओं का कहना है कि मौजूदा पड़ाव की तारीख 7 सितंबर तक तय है, लेकिन अगर सरकार ने उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन की अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है। किसानों के इस प्रदर्शन को लेकर सरकार क्या रुख अपनाती है और क्या बातचीत के जरिए समाधान निकलता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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