एमपी को मिले 20 हजार 193 करोड़ के प्रस्ताव, डॉ. मोहन यादव ने उद्योगपतियों-निवेशक...

मध्यप्रदेश बना निवेश का हब

एमपी को मिले 20 हजार 193 करोड़ के प्रस्ताव, डॉ. मोहन यादव ने उद्योगपतियों-निवेशकों को बताईं मध्यप्रदेश की खूबियां

मध्यप्रदेश सरकार ने निवेशकों के लिए अनेक सुविधाएँ प्रदान की हैं, जिससे राज्य में निवेश बढ़ रहा है और नए रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

एमपी को मिले 20 हजार 193 करोड़ के प्रस्ताव डॉ मोहन यादव ने उद्योगपतियों-निवेशकों को बताईं मध्यप्रदेश की खूबियां

एमपी को मिले 20 हजार 193 करोड़ के प्रस्ताव |

हमारे मध्यप्रदेश में लेबर की कोई प्रॉब्लम नहीं होती। अगर कोई उद्योगपति यहां उद्योग लगाकर 10-20 साल कहीं और कुछ करना चाहे तो उसके उद्योग को कुछ नहीं होगा। प्रदेश की जनता अपने काम को अच्छे से करना और निभाना जानती है।' यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। सीएम डॉ. यादव 16 जुलाई को नई दिल्ली की होटल द लीला पैलेस में आयोजित 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्म्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर कई उद्योगपतियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश संबंधी एमओयू साझा किए गए। बता दें, राज्य ने नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स-2026 तथा "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश" के माध्यम से निवेश आकर्षित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दोनों आयोजनों में प्रदेश को 20 हजार 193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों से लगभग 27 हजार 592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। दोनों कार्यक्रमों में सीएम डॉ. यादव ने निवेशकों-उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड के प्रतिनिधियों से गहन चर्चा की। उन्होंने सभी को जनवरी-2027 में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) में भाग लेने का आमंत्रण दिया।

'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्म्युनिटीज इन मध्यप्रदेश

'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्म्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से मैं सभी उद्योगपतियों-निवेशकों का अभिनंदन करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के नक्शे पर अपनी साख और धाक बना रहा है। हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हम देश के बदलते समय को देख पा रहे हैं। आदि काल से सोने की चिड़िया जैसे अलंकरणों से भारत की पहचान होती रही है। 12 साल का समय बहुत छोटा होता है। इस छोटे से समय में भी वो सारी चीजें भी हो गईं, जिसके लिए कभी-कभी कहा जाता था कि ये तो भारत में हो ही नहीं सकता, भारत के लोग ये कैसे कर देंगे, ये तो यहां असंभव है। मुझे इस बात का संतोष है कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में वर्तमान के समय में असंभव भी संभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात यह भी है कि वो निर्णय जो राजनेताओं के कदम रोकते थे , उन निर्णयों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने मिथक तोड़े हैं। अब तो लोग यह कहने लगे हैं कि जो सारे जहां में असंभव है, वो भारत में संभव है।  

राज्य कल्याण के लिए उठाए कई कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आम तौर पर जब कोई नेता प्रधानमंत्री की गद्दी पर बैठता था, तो वह जिस प्रदेश और शहर का होता था, राजनीति उसके आसपास घूमती थी। लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी ने समान रूप से सभी को अवसर प्रदान किए, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार किया, सभी राज्यों को प्रगति के समान अवसर और प्रमोशन के मौके दिए। हमारी सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें और बाकी राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण माहौल बनाया। उन्होंने कहा कि मैं अभी से आप सभी को जीआईएस 2027 का निमंत्रण देने आया हूं, यही समय के परिवर्तित होने का प्रमाण है। हमारी सरकार ने व्यवसाय को गंभीरता से लिया है। हमारे अधिकारियों ने प्रजेंटेशन के जरिये सरकार की नीति और नियति बताने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि एक वर्ष को छोड़ दिया जाए तो, बाकी के वर्ष में हमने राज्य के कल्याण के लिए कई कदम उठाए। 

टेक्सटाइल में अनंत संभावनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे राज्य ने सारे सेक्टर में प्रतिबद्धता सिद्ध की है। कपास और ऑर्गेनिक कपास की खेती के लिए राज्य नंबर-1 है। लेकिन, ब्रिटिश काल की नीतियों और सरकारों की उदासीनता ने वो ताज छीन लिया। हमारे इंडस्ट्रियल पार्क का जिस दिन भूमि-पूजन होता है, उस दिन सारे प्लॉट भी आवंटित हो जाते हैं। जीआईएस 2025 में हमारे पास 32 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए थे। जीआईएस के प्रस्ताव अगर 10 फीसदी भी धरातल पर उतर जाएं तो बहुत बड़ा आंकड़ा माना जाता है। लेकिन, डेढ़ साल में ही 10 लाख करोड़ के प्रस्ताव न केवल धरातल पर उतरे, बल्कि काम भी शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे बिजली मध्यप्रदेश से मिल रही है। कहीं और उद्योग लगाओ तो जनरेटर का सेट लगाना पड़ता है, लेकिन अगर प्रदेश में उद्योग लगाओ तो बिजली जाती ही नहीं है। हमारे पास बिजली सरप्लस है। मध्यप्रदेश में कुशल और व्यवहारिक कामगारों की पर्याप्त उपलब्धता भी है। राज्य में एमएसएमई, लघु-कुटीर उद्योग, माइनिंग, फार्मा, टेक्सटाइल प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने की अनंत संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश देश का दूसरा बड़ा खाद्यान्न उत्पादक राज्य है। देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं का उपार्जन मध्यप्रदेश ने किया है। मध्यप्रदेश फूड इंडस्ट्री के लिए अनुकूलता वाला राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियां ऐसी हैं कि अगर एक रुपए निवेश करें तो 75 पैसे सब्सिडी के रूप में वापस मिल जाते हैं। हमारी सरकार रोजगार परक उद्योग स्थापित करने पर श्रमिकों के वेतन के लिए निवेशकों को 5 साल तक 5000 रुपए प्रति श्रमिक आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में पर्याप्त लैंड बैंक है। बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश में फूड पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क, मल्टी मॉडल पार्क जैसी अनेकों सौगातें मिली हैं। मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर लंबा रोड नेटवर्क है। सुदृढ़ रेलवे कनेक्टिविटी, 8 एयरपोर्ट, 6 अंतरराष्ट्रीय कंटेनर, एक्सप्रेसवे और हाइवे हैं। आइए, मध्यप्रदेश के साथ मिलकर आगे बढ़ें।

भारत टेक्स-2026 में क्या हुआ

भारत मंडपम में आयोजित टेक्सटाइल राउंड टेबल में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, निर्यात संवर्धन, कौशल विकास और निवेश प्रोत्साहन पर विस्तृत चर्चा हुई। इस आयोजन में 1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 15,700 रोजगार सृजित होने की संभावना है। इंटरैक्टिव सेशन के दौरान एमपीआईडीसी ने निर्यात संवर्धन, ई-कॉमर्स, वैश्विक व्यापार, एमएसएमई और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात महत्वपूर्ण समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। साथ ही रक्षा, डेटा सेंटर, आईटी, एआई, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और खाद्य प्रसंस्करण सहित अनेक क्षेत्रों में निवेश अवसर प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा दिल्ली निवेश संवाद में रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग और खिलौना उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में 18 हजार 601 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 11,892 रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इन निवेश प्रस्तावों, साझेदारियों और एमओयू के माध्यम से मध्यप्रदेश देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

दुनियाभर के निवेशक हो रहे आकर्षित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 17 सितंबर 2025 को मध्यप्रदेश के धार को देश के पहले पीएम मित्र पार्क की सौगात दी थी। गारमेंट सेक्टर के इस पार्क के भूमि-पूजन के साथ ही यहां 90 प्रतिशत भू-खंडों का आवंटन भी पूरा कर लिया गया। यह एक रिकॉर्ड है और काम के प्रति राज्य सरकार की दक्षता प्रकट करती है। उन्होंने कहा कि पीएम मित्र पार्क के आसपास भी निवेशक अब उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन की मांग कर रहे है। प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूलता, कच्चे धागे के लिए माल की उपलब्धता, बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर मध्यप्रदेश निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। प्रदेश की बढ़ती निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन की शक्ति से दुनिया परिचित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश टेक्सटाइल, गारमेंट और फुटवियर सेक्टर में विशेष पहचान रहा है। राज्य में उद्योगों को आर्थिक सब्सिडी, बिजली आपूर्ति, भूमि आवंटन, स्टांप ड्यूटी में छूट जैसी नीतियों से निवेशक आकर्षित हो रहे हैं। राज्य में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कौशल विकास प्रशिक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम हो रहा है। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है और अपनी विशेषताओं के कारण दुनियाभर के निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में मध्यप्रदेश को 33 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आ चुका है। वर्ष 2027 में फिर जीआईएस का आयोजन होगा, उम्मीद है कि इसमें निवेश का रिकॉर्ड टूटेगा।

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