सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 700 अंकों से ज्यादा टूटकर 76,857 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 200 अंकों से अधिक फिसलकर 24,000 के करीब आ गया। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
खुलते ही टूटे दिग्गज शेयर
बाजार खुलते ही कई ब्लूचिप और लार्जकैप शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इंडिगो, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी और HDFC बैंक के शेयर 1.5% से 2.5% तक टूट गए। वहीं मिडकैप शेयरों में मुथूट फाइनेंस, अशोक लेलैंड, कोफोर्ज और HPCL में भी भारी बिकवाली देखने को मिली।
US-ईरान युद्ध ने बिगाड़ा निवेशकों का मूड
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने वैश्विक निवेशकों का जोखिम उठाने का भरोसा कमजोर कर दिया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते दुनियाभर के शेयर बाजार दबाव में हैं और इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को लेकर बढ़ी अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे की चिंता बढ़ा सकती है।
एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट
भारतीय बाजार से पहले एशियाई शेयर बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 900 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 7% तक फिसल गया। गिफ्ट निफ्टी में भी कारोबार शुरू होने से पहले कमजोरी के संकेत मिल चुके थे, जिससे भारतीय बाजार की कमजोर शुरुआत लगभग तय मानी जा रही थी।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार की चाल काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। ऐसे में निवेशकों को घबराकर फैसले लेने के बजाय लंबी अवधि की रणनीति अपनाने और किसी भी निवेश से पहले वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह लेने की सलाह दी जा रही है।