मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और फैसले की उम्मीद है। इनमें झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पुनर्गठन, CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव प्रमुख है।
JPSC में खाली पदों पर होगी चर्चा
JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली होने के बाद आयोग के पुनर्गठन की तैयारी तेज हो गई है। आयोग के अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते के इस्तीफे के साथ ही सदस्य अजीत भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद ने भी अपने पद छोड़ दिए थे। इसके चलते आयोग के प्रमुख पद फिलहाल रिक्त हैं।
कार्मिक विभाग ने JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष भेज दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सरकार नियुक्तियों को लेकर फैसला ले सकती है।
परीक्षा सुधार समिति में सदस्यों के नाम संभव
परीक्षाओं में सुधार और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पिछली विशेष कैबिनेट बैठक में परीक्षा सुधार समिति के गठन को मंजूरी दी गई थी। IAS अधिकारी अमिताभ कौशल को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
अब मंगलवार की बैठक में समिति के अन्य सदस्यों के नामों को मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। सरकार का फोकस परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने पर है।
JPSC-JSSC में बनेगा निगरानी प्रकोष्ठ?
JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में आंतरिक निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है। CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार दोनों आयोगों में निगरानी प्रकोष्ठ गठित करने पर विचार कर रही है।
इसके साथ ही परीक्षा में सामने आई कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जा सकता है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
MMDR संशोधन बिल के विरोध में विशेष सत्र?
कैबिनेट बैठक में झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को लेकर भी फैसला संभव है। प्रस्तावित सत्र एक या दो दिन का हो सकता है। इसमें खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक यानी MMDR Bill पर चर्चा की जाएगी।
सरकार की कोशिश है कि विशेष सत्र में बिल के विरोध में प्रस्ताव पारित कर राज्य को पहले की तरह सेस लगाने का अधिकार देने की मांग की जाए। झामुमो और कांग्रेस पहले ही MMDR बिल के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान कर चुके हैं।
सड़क और हाईकोर्ट के निर्देश भी एजेंडे में
कैबिनेट के सामने सड़क निर्माण और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन सहित करीब दो दर्जन प्रस्ताव रखे जाने की संभावना है। विभिन्न विभागों से करीब ढाई दर्जन प्रस्ताव सरकार तक पहुंच चुके हैं। बैठक के दौरान इनकी संख्या बढ़ने की भी उम्मीद है।
ऐसे में मंगलवार की कैबिनेट बैठक को झारखंड में प्रशासनिक और राजनीतिक, दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।