झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर श्राद्ध कर्म के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सुखनई नदी में एक ही परिवार के पांच लोग डूब गए। हादसे में अनूप तिवारी, उनके 12 साल के बेटे अर्पित, भांजे पुष्कर शुक्ला, भतीजे अभिनय तिवारी और श्रेयांश तिवारी की मौत हो गई।परिवार के लोग नदी किनारे पिंडदान और पूजा के लिए पहुंचे थे। पूजा के दौरान अनूप तिवारी नदी में उतरे। वह नदी के बीच पहुंचे तो अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उन्हें डूबता देखकर साथ मौजूद चारों परिजन उन्हें बचाने के लिए पानी में उतर गए।
बचाने की कोशिश में सभी नदी में डूबे
अनूप को बचाने के लिए अर्पित, पुष्कर, अभिनय और श्रेयांश ने नदी में छलांग लगा दी। पानी गहरा होने के कारण चारों भी संभल नहीं सके और देखते ही देखते पांचों डूब गए। हादसा होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही रानीपुर चौकी और मऊरानीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
30 मिनट चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पुलिस ने गोताखोरों की टीम को मौके पर बुलाया। नदी में करीब 30 मिनट तक तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। गोताखोरों ने एक-एक करके पांचों को बाहर निकाला। पुलिस ने सभी को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मऊरानीपुर पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद पांचों को मृत घोषित कर दिया।
पिंडदान के लिए आया था परिवार
मऊरानीपुर सीओ रत्नेश कुमार के मुताबिक, अनूप तिवारी अपने परिजन का पिंडदान करने के लिए परिवार के साथ सुखनई नदी पहुंचे थे। पूजा के दौरान वह पानी में डूबने लगे। उन्हें बचाने की कोशिश में उनके साथ आए चार अन्य लोग भी नदी में उतर गए और सभी की डूबने से मौत हो गई। अनूप तिवारी देवीसिंह पुरा के रहने वाले थे। उनके साथ उनका बेटा अर्पित, भांजा पुष्कर शुक्ला और भतीजे अभिनय व श्रेयांश तिवारी भी मौजूद थे। पुष्कर जालौन का रहने वाला था।
परिवार को आर्थिक मदद देने की तैयारी
हादसे के बाद प्रशासन ने मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता देने की बात कही है। एसडीएम मनोज कुमार भारती ने बताया कि सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन की कोशिश है कि 24 से 48 घंटे के भीतर परिवार को आर्थिक मदद उपलब्ध करा दी जाए। पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।