हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और एक कैबिनेट मंत्री को हटाए जाने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के नेताओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री के अलावा दो कैबिनेट मंत्री भी दिल्ली पहुंचे थे। इस दौरान कांग्रेस नेतृत्व के साथ प्रदेश में मंत्रिमंडल से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ कुल्लू सदर के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर भी दिल्ली पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, सुंदर सिंह ठाकुर ने भी मुख्यमंत्री के साथ कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के कुछ प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। उनकी मौजूदगी को मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय को लेकर आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
खरगे, राहुल, प्रियंका और वेणुगोपाल से मुलाकात
मुख्यमंत्री सुक्खू और दो कैबिनेट मंत्री पहले कांग्रेस हाईकमान के साथ शिक्षा से संबंधित बैठक में शामिल हुए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी अनौपचारिक मुलाकात की।
हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पहले भी कांग्रेस नेतृत्व के स्तर पर विचार-विमर्श हो चुका है। राज्य में मंत्रिमंडल का एक पद रिक्त है और सुंदर सिंह ठाकुर का नाम लंबे समय से संभावित विस्तार के संदर्भ में चर्चा में रहा है।
CWC बैठक में भी शामिल हुए सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मंगलवार को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में भी शामिल हुए। बैठक में देश में लोकतंत्र और संविधान की स्थिति के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद सुक्खू ने अपनी पोस्ट में कहा कि लोकतंत्र का सबसे भरोसेमंद आधार जनता की आवाज है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक मतदाता का विश्वास कायम रहना जरूरी है।
‘चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा जरूरी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक मतदाता को अपने वोट पर भरोसा होना चाहिए और उसे अपनी पसंद का प्रतिनिधि चुनने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया को लेकर देशभर में उठ रहे सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
सुक्खू ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया है और इसमें जनता के विश्वास को सर्वोच्च महत्व दिया जाना चाहिए। मतदाताओं को अपने मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भरोसा होना जरूरी है।
‘संविधान लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला’

मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। संविधान में निहित अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना नागरिकों के साथ-साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं की भी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। इस बीच, दिल्ली में मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेतृत्व के बीच हुई मुलाकातों के बाद हिमाचल मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि, किसी मंत्री को हटाने या नए चेहरे को शामिल करने के संबंध में अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।