चंडीगढ़। हरियाणा के शहरी इलाकों में सफाई व्यवस्था को ज्यादा जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए वार्ड स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश के 86 शहरी स्थानीय निकायों में 1,646 वार्ड कमेटियां गठित की जा चुकी हैं। अब इन कमेटियों को सफाई, कचरा संग्रहण और स्थानीय शिकायतों के समाधान में सक्रिय भूमिका दी जा रही है।
वार्ड कमेटियों की बढ़ेगी भूमिका
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहरी निकायों की सफाई व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि वार्ड कमेटियों को केवल औपचारिक व्यवस्था तक सीमित न रखा जाए। इन्हें स्थानीय स्तर पर स्वच्छता की निगरानी और नागरिकों की समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए। कचरा संग्रहण और सफाई से जुड़ी शिकायतें कमेटियों के व्हाट्सऐप समूह के जरिए दर्ज कराई जा सकेंगी। इन शिकायतों के समयबद्ध समाधान की व्यवस्था भी की जाएगी।
कचरा वाहनों के लिए रूट मैपिंग
बैठक में घर-घर कचरा उठाने की व्यवस्था और रूट मैपिंग की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के मुताबिक जून में 87 शहरी स्थानीय निकायों में से 28 में 100 प्रतिशत रूट मैपिंग पूरी हुई थी। 20 सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 66 हो गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हर वार्ड के रूट मैप में कचरा वाहन का विवरण, उसके पहुंचने का समय और चालक का संपर्क नंबर दर्ज किया जाए। यह जानकारी संबंधित वार्ड कमेटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में भी साझा की जाएगी।
GPS से होगी वाहनों की निगरानी
घर-घर कचरा संग्रहण की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश के 87 शहरी स्थानीय निकायों में से 83 में 4G और 5G नेटवर्क आधारित GPS प्रणाली से लैस कचरा संग्रहण वाहन संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बाकी चार निकायों में भी GPS व्यवस्था जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
पोर्टल से होगा भुगतान
सफाई व्यवस्था से जुड़े सेवा प्रदाताओं के भुगतान के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल का इस्तेमाल अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भुगतान में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जाए।
बेहतर कमेटियों को मिलेगा सम्मान
स्वच्छता के क्षेत्र में वार्ड कमेटियों के बीच बेहतर प्रदर्शन की प्रतिस्पर्धा कराने की तैयारी भी है। हरियाणा स्वच्छ लीग के तहत रैंकिंग आधारित व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसमें तिमाही आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली वार्ड कमेटियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
23 जिलों में पोर्टल की व्यवस्था
प्रदेश के सभी 23 जिलों के उपायुक्तों के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर यूजर आईडी तैयार की जा चुकी हैं। 21 जिलों में जिला विशेष प्रकोष्ठ भी गठित हो चुके हैं। चरखी दादरी और पलवल में प्रकोष्ठ गठन की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों में यह काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता पखवाड़े में भी भागीदारी
‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चल रहे विशेष स्वच्छता पखवाड़े में भी वार्ड कमेटियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। अच्छा प्रदर्शन करने वाली कमेटियों को सम्मानित किया जाएगा।
बल्क वेस्ट जनरेटर्स पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स यानी थोक अपशिष्ट उत्पादकों की पहचान और पंजीकरण की प्रक्रिया तेज करने को कहा। संबंधित संस्थानों का केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निर्धारित प्रावधानों के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कर्मचारियों और मशीनरी की कमी दूर
बैठक में बताया गया कि सितंबर तक 87 में से 65 शहरी स्थानीय निकायों में मानव संसाधन की कमी दूर की जा चुकी है, जबकि 68 निकायों में मशीनरी से जुड़ी कमियां पूरी की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बाकी कमियों को भी तय समय में दूर करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शहरों की सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय निकायों, संबंधित विभागों और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।