हरियाणा के सोनीपत स्थित मुरथल की दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DCRUST) में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम के दौरान एयर कंडीशनिंग व्यवस्था फेल होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। 13 अगस्त को विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में AC बंद होने से विद्यार्थी और अन्य अतिथि भीषण गर्मी में परेशान रहे। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए मंच से ही कुलपति को फटकार लगाई थी और 24 घंटे के भीतर व्यवस्था दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया था।
मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। एक ओर जहां जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरी है, वहीं दूसरी ओर AC की मेंटेनेंस का काम संभालने वाली कंपनी के खिलाफ पुलिस केस भी दर्ज कराया गया है।
SDE युद्धवीर दलाल सस्पेंड, मेंटेनेंस इंचार्ज को नोटिस
कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में विश्वविद्यालय के SDE युद्धवीर दलाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा मेंटेनेंस इंचार्ज प्रवीण गर्ग को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय परिसर में कर्मचारियों के बीच भी हलचल तेज हो गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर एयर कंडीशनिंग व्यवस्था को लेकर लापरवाही आखिर किस स्तर पर हुई।
लाखों रुपये का भुगतान, फिर भी काम अधूरा छोड़ने का आरोप
मामले में विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की गई है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.पी. सिंह के निर्देश पर मुरथल थाने में AC की मेंटेनेंस का काम देखने वाली कंपनी क्लाइमावेनेटा क्लाइमेट टेक्नोलॉजीज (Climaveneta Climate Technologies) के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, कंपनी ने HVAC से जुड़े काम के लिए लाखों रुपये का भुगतान लिया था, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया। इसी कथित लापरवाही के चलते मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान ऑडिटोरियम का AC पूरी तरह फेल हो गया।
पुलिस ने कंपनी और उसके निदेशक सुभाष चंदा के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत से संबंधित मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी कंपनी को मिला AC का काम
कुलपति प्रो. एस.पी. सिंह के अनुसार, अब AC की तत्काल मरम्मत और बाकी बचे काम की जिम्मेदारी सीआईएस ग्लोबल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड (CIS Global Infratech Pvt Ltd) को सौंप दी गई है। इसका उद्देश्य छात्रों और विश्वविद्यालय में आने वाले लोगों को भविष्य में ऐसी परेशानी से बचाना है।

वहीं, पूरे मामले की तह तक जाने और जिम्मेदारी तय करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन भी किया है। समिति घटना के कारणों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी।
फिलहाल मुरथल थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हुई इस चूक के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।