हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। सेना की वन पैरा स्पेशल फोर्स के अभ्यास के दौरान यमुना में सेना की बोट डूब गई। हादसे के वक्त बोट में पांच जवान मौजूद थे। बताया जा रहा है कि चिनूक हेलिकॉप्टर से जवानों ने नदी में खड़ी बोट में छलांग लगाई थी। बोट के डूबने की स्थिति बनने के बाद सभी जवान लाइफ जैकेट और ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ पानी में कूद गए। इनमें से 3 जवान तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन 2 जवान तेज बहाव में लापता हो गए। अब दोनों की तलाश के लिए 15 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सेना, SDRF की टीमें और दो हेलिकॉप्टर लगातार नदी और आसपास के इलाकों की निगरानी कर रहे हैं। 10 से ज्यादा जगहों पर टीमें तैनात हैं।
ट्रेनिंग के आखिरी दिन हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, स्पेशल फोर्स की यह ट्रेनिंग 30 अगस्त से हथिनी कुंड बैराज क्षेत्र में चल रही थी। मंगलवार को अभ्यास का आखिरी दिन था। शाम करीब 5 बजे यमुना की अपस्ट्रीम साइड में जवानों का अभ्यास कराया जा रहा था। इस दौरान हेलिकॉप्टर से जवान एक-एक करके नदी में मौजूद मोटरबोट पर उतर रहे थे। बताया जा रहा है कि सभी जवान बोट तक पहुंचने के बाद मोटरबोट को आगे बढ़ाया जाना था, लेकिन वह स्टार्ट नहीं हो सकी। तेज पानी के बहाव के कारण बोट अपनी जगह से बहने लगी। इसी दौरान जवान नदी में गिर गए और बहाव में फंस गए।
600 मीटर तैरकर बाहर निकले 3 जवान
हादसे के बाद तीन जवानों ने खुद तैरकर सुरक्षित निकलने की कोशिश की। उस समय पश्चिमी यमुना नहर में करीब 14,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। तेज बहाव के बीच तीनों जवानों ने करीब 600 मीटर तक तैरकर पश्चिमी यमुना नहर के खुले गेट से बाहर निकलने में सफलता हासिल की। उन्हें सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद राहत की सांस ली गई। हालांकि, दो जवानों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। सेना और बचाव दल लगातार संभावित इलाकों में उनकी तलाश कर रहे हैं।
सेना ने तुरंत शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
दो जवानों के लापता होने की जानकारी मिलते ही सेना की टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। कर्नल योगेंद्र के नेतृत्व में जवान नदी और नहर के उन हिस्सों में तलाश कर रहे हैं, जहां पानी का बहाव उन्हें ले जा सकता है। रेस्क्यू टीमों को रस्सियों समेत कई उपकरणों की मदद से नदी और आसपास के इलाकों में उतारा गया है। पानी के तेज बहाव के कारण अभियान में मुश्किलें भी सामने आ रही हैं।
पुलिस और SDRF टीमें भी अभियान में शामिल
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। हरियाणा पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस और SDRF की टीमें भी सर्च ऑपरेशन में सेना की मदद कर रही हैं। एडीसी नवीन आहूजा ने फोन पर हादसे की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, डीएसपी रजत गुलिया, एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन की ओर से सेना के रेस्क्यू अभियान में हर संभव सहायता दी जा रही है।
नहर का बहाव नियंत्रित करने की कोशिश
लापता जवानों की तलाश को आसान बनाने के लिए पश्चिमी यमुना नहर के पानी के बहाव को नियंत्रित करने की कोशिश भी की जा रही है। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया है। हादसे की जगह कलेसर से नीचे और हथिनी कुंड बैराज से कुछ पहले बताई जा रही है। इलाके की भौगोलिक स्थिति और तेज पानी का बहाव रेस्क्यू टीमों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
एक दिन पहले 26 हजार क्यूसेक पानी था
बताया गया है कि हादसे से एक दिन पहले हथिनी कुंड बैराज पर यमुना में करीब 26 हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। हादसे के वक्त पश्चिमी यमुना नहर में करीब 14,500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल सेना और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान लापता दोनों जवानों को जल्द से जल्द खोजने पर है। सेना की ओर से घटना को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय प्रशासन लगातार सेना और रेस्क्यू एजेंसियों के संपर्क में है।