गणेश चतुर्थी के 10 दिवसीय उत्सव के बाद अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश को विदाई दी जाती है। इसे गणेश विसर्जन कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि विसर्जन के साथ भगवान गणेश भक्तों के संकट अपने साथ ले जाते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11 बजकर 18 मिनट से शुरू होगी और 25 सितंबर की रात 11 बजकर 6 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
हरी चीजों का दान
धार्मिक मान्यता के अनुसार अनंत चतुर्दशी पर हरी वस्तुओं, मौसमी फलों और पान के पत्तों का दान शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इससे ग्रह दोषों से राहत मिल सकती है और कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है।
चावल और दाल का दान
अगर कोई व्यक्ति आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है, तो गणेश विसर्जन के दिन चावल, मूंग दाल या तेल का दान करने की परंपरा बताई गई है। जरूरतमंदों को खिचड़ी बनाकर खिलाना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे रुके हुए काम पूरे होने में मदद मिलती है।
आटा, चीनी और नमक
अनंत चतुर्दशी के दिन आटा, चीनी और नमक जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों का दान भी किया जा सकता है। मान्यता है कि इन वस्तुओं का दान करने से शुक्रदेव की कृपा मिलती है और जीवन में सुख-सुविधाओं में वृद्धि होती है।
बेसन और फलों का दान
गणेश विसर्जन के बाद बेसन, चने की दाल, केला या पपीता दान करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है।
दान करते समय रखें ध्यान
दान हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, अनाज या रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुएं देना भी सेवा का एक तरीका माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में दान का उद्देश्य केवल ग्रह दोषों से राहत पाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना भी माना गया है।