हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को विधायकों, प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ करीब छह घंटे तक मैराथन बैठक की। बैठक में विधानसभा क्षेत्रों से सामने आ रही जनसमस्याओं, शिकायतों और विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार तक पहुंचने वाली शिकायतों पर केवल आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। लोगों को समस्याओं के समाधान का असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा
बैठक में जनसंवाद पोर्टल के माध्यम से विधायकों की ओर से भेजी गई शिकायतों की लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रवार समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों को संबंधित मामलों की व्यक्तिगत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्रवाई के बाद उसका वास्तविक परिणाम भी सामने आए।
जिला स्तर पर हो समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता और प्रशासन के बीच दूरी कम करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से उच्च स्तर तक भेजकर लंबित न रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया।
विकास कार्यों में देरी पर निर्देश
मुख्यमंत्री सैनी ने विकास परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी। परियोजनाओं को तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाने और लोगों को समय पर उनका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल नीतियां बनाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि सरकार की योजनाओं और फैसलों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
बैठक में मंत्री और अधिकारी मौजूद
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक सचिव और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।