बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया चेकपोस्ट पर तबादला होने के अगले ही दिन प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच के घेरे में आ गए। EOU ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में उनके भोजपुर स्थित आवास और दानापुर के साईं वरदान सिटी अपार्टमेंट स्थित फ्लैट पर छापेमारी की। EOU के मुताबिक, शुरुआती जांच में अमित कुमार गुप्ता के पास उनकी ज्ञात वैध आय से 1 करोड़ 49 लाख 58 हजार 500 रुपये अधिक की संपत्ति होने की बात सामने आई है। यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 148.10 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
15 मिनट तक नहीं खुला दरवाजा
EOU की टीम बुधवार सुबह करीब 8 बजे अवधपुरी स्थित अमित कुमार के आवास पर पहुंची। टीम के मुताबिक, उस समय अमित कुमार बालकनी में थे। घर के मुख्य गेट पर ऑटोमैटिक लॉक लगा होने के कारण टीम को करीब 15 से 20 मिनट बाहर इंतजार करना पड़ा। EOU के अनुसार, इसी दौरान बालकनी से दस्तावेज, कैश और मोबाइल नीचे फेंके गए। टीम ने नीचे गिरे सामान को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद घर में प्रवेश कर तलाशी शुरू की गई। जांच टीम ने घर के कमरों, अलमारियों, दस्तावेजों के साथ बालकनी और छत की भी तलाशी ली। अमित कुमार और उनकी पत्नी श्वेता गुप्ता के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
13 साल की नौकरी में 91 लाख की आय
EOU के अनुसार, अमित कुमार गुप्ता ने 2013 में परिवहन विभाग में प्रवर्तन अवर निरीक्षक के रूप में नौकरी शुरू की थी। 13 साल की सेवा के दौरान उन्हें वेतन से करीब 75 लाख रुपये की आय हुई, जबकि उनकी शिक्षिका पत्नी की आय करीब 16 लाख रुपये बताई गई है। दोनों की कुल वैध आय करीब 91 लाख रुपये आंकी गई है। तलाशी के दौरान अधिकारी के पास से 13 ब्रांडेड घड़ियां भी मिलने की बात EOU ने कही है।
16 संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले
तलाशी में कई प्लॉट, मकान और फ्लैट से जुड़े दस्तावेज बरामद होने की बात सामने आई है। EOU के मुताबिक, आरा, पटना, छपरा और अन्य जिलों में अमित कुमार और उनके परिवार के नाम पर 11 प्लॉट खरीदे जाने से संबंधित कागजात मिले हैं। इसके अलावा अवधपुरी में तीन मंजिला मकान, आरा में 5.1 डिसमिल जमीन पर निर्माणाधीन मकान और पटना के साईं वरदान सिटी में एक फ्लैट की जानकारी भी जांच में सामने आई है। EOU के अनुसार, नोएडा की इंपेरिया इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और नई दिल्ली की ऐरविल बिजनेस पार्क प्राइवेट लिमिटेड में फ्लैट और जमीन में निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। एजेंसी अब इन संपत्तियों की खरीद की तारीख, कीमत और भुगतान के स्रोत की जांच करेगी।
15 बैंक खातों की पासबुक
तलाशी के दौरान अलग-अलग बैंकों के 15 खातों की पासबुक और चेकबुक मिलने की जानकारी EOU ने दी है। एजेंसी के मुताबिक, कुछ खातों में मौजूद राशि को फ्रीज कराया गया है। इसके अलावा एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी अभी बाकी है। जांच टीम को शेयर और म्यूचुअल फंड में करीब 30 लाख रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम से जुड़े सात दस्तावेजों में करीब 10 लाख रुपये से अधिक के निवेश की जानकारी होने की बात कही गई है।
जेवरात की खरीद से जुड़ी रसीदें
EOU के मुताबिक, तलाशी के दौरान जेवरात खरीदने से जुड़ी कई रसीदें भी बरामद हुई हैं। एजेंसी इन दस्तावेजों के आधार पर निवेश और संपत्ति के स्रोत की जांच कर रही है। अधिकारी के दो बच्चों की शिक्षा पर होने वाले खर्च से संबंधित जानकारी भी जांच में जुटाई जा रही है। EOU के अनुसार, बेटी कोटा में NEET की तैयारी कर रही है, जबकि बेटा दार्जिलिंग के एक आवासीय स्कूल में पढ़ता है।
करीब 11 घंटे चली कार्रवाई
EOU के उपाधीक्षक विजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम ने दोनों ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई करीब 11 घंटे तक चली। एजेंसी ने दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के लिए जब्त किया है। EOU का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद संपत्तियों और निवेश के वास्तविक स्रोत का पता लगाया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।