बिहार में एक बार फिर बाढ़ की स्थिति गंभीर होती नजर आ रही है। गंगा, गंडक समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार, 1 अक्टूबर को पटना के मरीन ड्राइव के पास पहुंचकर गंगा के जलस्तर का जायजा लिया।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं और सरकार तटबंधों की सुरक्षा के साथ पूरे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
गंडक में बढ़ा पानी, कई जगह तटबंध प्रभावित
मुख्यमंत्री के मुताबिक गंगा और गंडक में पानी का स्तर चिंता बढ़ाने वाला है। सोन नदी में भी पानी काफी ज्यादा बताया गया है। फिलहाल कई संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। गंडक नदी के बढ़ते दबाव के बीच सारण के पानापुर में तटबंध टूटने से निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। वहीं, मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में भी तटबंध के एक हिस्से के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन और SDRF की टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं।
एयरफोर्स से भी ली जाएगी मदद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बाढ़ राहत अभियान में वायु सेना की मदद भी ली जाएगी। उनके मुताबिक शुक्रवार से एयरफोर्स के सहयोग से राहत कार्य शुरू होने की उम्मीद है। बाढ़ का असर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, खगड़िया समेत कई जिलों के निचले इलाकों में बताया जा रहा है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य पर नजर बनाए हुए हैं।