हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज गुरुवार को गुरुग्राम के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे और युवाओं के कौशल विकास तथा रोजगार के अवसरों से जुड़ी ‘स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट’ को आधिकारिक तौर पर लॉन्च करेंगे।
यह रिपोर्ट प्रदेश के युवाओं को मौजूदा उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान की ओर से किया जा रहा है।
गौरव गौतम भी कार्यक्रम में होंगे शामिल
कार्यक्रम में युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौरव गौतम भी मौजूद रहेंगे। वह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मंच साझा करेंगे और विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर गुरुग्राम यूनिवर्सिटी और जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के अलावा शिक्षा जगत और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
क्या है ‘स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट’?

‘स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट’ के जरिए यह समझने की कोशिश की गई है कि आधुनिक उद्योगों को किस तरह के कुशल कर्मचारियों की जरूरत है और वर्तमान में प्रदेश के युवाओं के पास किस प्रकार के कौशल उपलब्ध हैं।
उद्योगों की मांग और युवाओं के मौजूदा कौशल के बीच मौजूद अंतर को समझने के बाद सरकार अपनी नीतियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आवश्यक बदलाव कर सकती है। रिपोर्ट के आधार पर उच्च शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रमों को भी उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य युवाओं को ऐसे कौशल से लैस करना है, जिनकी रोजगार बाजार में मांग अधिक है। इससे पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार तलाशने वाले युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है।
नौकरी के साथ उद्यमिता पर भी फोकस
कार्यक्रम के दौरान युवाओं के सशक्तिकरण, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकार की ओर से युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने से जुड़े मुद्दे भी कार्यक्रम में प्रमुखता से उठ सकते हैं। स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के जरिए राज्य में कौशल विकास और उद्योगों की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की कोशिश की जाएगी।