बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार, 29 सितंबर को परिचारी संघ के अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। गांधी मैदान में बड़ी संख्या में जुटे अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़ना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ दंगा नियंत्रण बल और वाटर कैनन भी तैनात किए गए।
गांधी मैदान से निकला मार्च
परिचारी संघ के अभ्यर्थी गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास जमा हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा था और वे नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे करीब एक महीने से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
2023 में भरा था फॉर्म, 2024 में हुई परीक्षा
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, उन्होंने परिचारी के पदों के लिए 2023 में आवेदन किया था और 2024 में परीक्षा भी दी थी। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी है। संघ का दावा है कि करीब 9,799 पदों पर नियुक्ति का मामला लंबित है।
सीएम आवास जाना चाहते थे अभ्यर्थी
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि वे अपनी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री आवास जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर के पास रोक दिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी रही।
आमरण अनशन पर बैठे कुछ अभ्यर्थी
प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के आमरण अनशन पर बैठने की भी जानकारी सामने आई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अनशन कर रहे कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें फोल्डिंग पर लेटाकर प्रदर्शन स्थल से बाहर लाया गया।
जिलावार नियुक्ति की मांग
परिचारी अभ्यर्थियों की मांग है कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग और संबंधित जिलों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, शेष 9,719 योग्य अभ्यर्थियों की अनुशंसा कर जिलावार नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी की जानी चाहिए। फिलहाल जेपी गोलंबर के पास पुलिस की तैनाती जारी है और प्रदर्शनकारी अपनी नियुक्ति की मांग पर अड़े हुए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक लंबित नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।