भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने जहां प्रचार अभियान के लिए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा है, वहीं चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट के लिए पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और अनुभवी संगठन पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक जिम्मेदारी सौंपी है।
हर शक्ति केंद्र पर दो-दो दिग्गजों की तैनाती
भाजपा ने प्रत्येक शक्ति केंद्र के लिए एक प्रभारी और एक संगठक नियुक्त किया है। एक शक्ति केंद्र के अंतर्गत चार से छह बूथ शामिल किए गए हैं। यानी औसतन पांच बूथों की जिम्मेदारी दो वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। इनकी जिम्मेदारी बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क, कार्यकर्ताओं के समन्वय और चुनावी गतिविधियों की निगरानी करना होगी।
पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक संभालेंगे मोर्चा
जिला भाजपा की ओर से जारी सूची में दतिया नगर, दतिया ग्रामीण, उदगुवां, बसई, बड़ौनी और सीतापुर मंडलों के शक्ति केंद्रों पर वरिष्ठ नेताओं की नियुक्ति की गई है। इनमें पूर्व मंत्री ओपीएस भदौरिया, सुरेश सिंह राठखेड़ा और पारस जैन के साथ कई पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व जिलाध्यक्ष और संगठन के अनुभवी पदाधिकारी शामिल हैं। पार्टी का उद्देश्य वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ उठाकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना है।
बूथ प्रबंधन और मतदाता संपर्क पर रहेगा फोकस
भाजपा का मानना है कि विधानसभा चुनाव हो या उपचुनाव, जीत की सबसे मजबूत कड़ी बूथ स्तर का प्रबंधन होता है। इसी रणनीति के तहत शक्ति केंद्रों के प्रभारी और संगठकों को मतदाता संपर्क अभियान, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, मतदान दिवस की तैयारी और बूथ संचालन की पूरी जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी बूथ स्तर पर अधिकतम मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रही है।
दतिया उपचुनाव बना प्रतिष्ठा की लड़ाई
दतिया विधानसभा उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है। ऐसे में भाजपा ने संगठनात्मक मजबूती और माइक्रो मैनेजमेंट पर विशेष जोर देते हुए अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी देकर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी को उम्मीद है कि मजबूत बूथ प्रबंधन और कार्यकर्ताओं के बेहतर समन्वय से उपचुनाव में जीत का रास्ता आसान होगा।