केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को बिहार में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। उनके नेतृत्व में केंद्रीय टीम दो दिवसीय दौरे पर बिहार आई है। पटना पहुंचने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
हाजीपुर से राघोपुर पहुंचे
भोपाल से विशेष विमान के जरिए पटना एयरपोर्ट पहुंचने के बाद शिवराज सिंह चौहान सड़क मार्ग से हाजीपुर पुलिस लाइन पहुंचे। यहां से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ राघोपुर प्रखंड के तेरसिया दियारा इलाके का रुख किया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्थिति देखने के लिए एसडीआरएफ की बोट और ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े कई अधिकारी भी मौजूद रहे।
कई इलाकों का होगा सर्वे
केंद्रीय टीम सारण जिले के दिघवारा और पटना जिले के मनेर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी करेगी। इसके बाद पटना में अधिकारियों के साथ बैठक होगी। बैठक में बाढ़ की स्थिति, राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली जाएगी। पटना के बाद शिवराज सिंह चौहान मुंगेर के लिए रवाना होंगे। वहां बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए भागलपुर पहुंचेंगे। भागलपुर राजकीय अतिथिशाला में रात रुकने का कार्यक्रम है।
15 जिले बाढ़ की चपेट में
राज्य में बाढ़ का असर लगातार कई इलाकों में बना हुआ है। वर्तमान में 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतें बाढ़ प्रभावित बताई गई हैं। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं। इन इलाकों में करीब 49.72 लाख लोग और लगभग 55 हजार हेक्टेयर भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है। राज्य सरकार की ओर से राहत और बचाव का काम जारी है।
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बिहार की कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और गंगा के अलावा पुनपुन, बागमती और घाघरा का जलस्तर भी कई जगह खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। कुछ इलाकों में नदियों का जलस्तर स्थिर रहने या कम होने की संभावना है। वीरपुर बराज पर कोसी का जलस्तर स्थिर है, जबकि बाल्मीकिनगर बराज पर गंडक के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी का जलस्तर बढ़ा है।
बारिश पर भी नजर
बिहार में सितंबर महीने में अब तक 112.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 6 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि, 1 जून से 14 सितंबर के बीच राज्य में सामान्य से 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बाढ़ की स्थिति के पीछे नेपाल से आने वाली नदियों के साथ-साथ बिहार की नदियों में जमा गाद को भी एक कारण बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बहुत हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।