पटना, 4 अक्टूबर 2026: बिहार में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा समेत कई नदियों की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बाढ़ की स्थिति को लेकर अधिकारियों को सतर्क रहने और राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

कई नदियों में जलस्तर खतरे के ऊपर
बिहार के जल संसाधन विभाग के 3 अक्टूबर के आंकड़ों के अनुसार, गंडक नदी गोपालगंज के डुमरियाघाट और मुजफ्फरपुर के रेवा घाट समेत कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। गंगा का जलस्तर भी पटना के गांधी घाट, हथीदह और दीघाघाट सहित कई निगरानी केंद्रों पर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया।
इसके अलावा बूढ़ी गंडक, कोसी और घाघरा नदी के कई स्थानों पर भी जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहा। बागमती नदी भी कुछ निगरानी केंद्रों पर खतरे के निशान को पार कर चुकी है।

राहत और बचाव पर सरकार की नजर
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और जरूरत के अनुसार राहत पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से 1 अक्टूबर को भी नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सरकार के पूरी तरह अलर्ट रहने की जानकारी दी गई थी।
सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाना और तटबंधों समेत संवेदनशील इलाकों की निगरानी बनाए रखना है। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर प्रशासन की नजर बनी रहेगी।