बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा बाजार है। उन्होंने कहा कि जब तक बिहार के लोग फिल्मों से जुड़कर उन्हें नहीं देखेंगे, तब तक किसी फिल्म के सफल होने की संभावना कम रहेगी। मुख्यमंत्री पटना के पी एंड एम मॉल स्थित सिनेपोलिस में आयोजित दैनिक जागरण फिल्म उत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी, दैनिक जागरण बिहार के मुख्य महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी और डिप्टी एडिटर अश्विनी कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
बिहार के दर्शकों की भूमिका अहम
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में फिल्मों के लिए बड़ा दर्शक वर्ग है। प्रदेश के लोगों की भागीदारी से ही फिल्मों को मजबूती मिल सकती है। उन्होंने हाल में रिलीज हुई एक फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें छठ पर्व को कहानी से जोड़ने का फायदा मिला और फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बिहार की संस्कृति और यहां के समाज की ताकत को दिखाता है। उन्होंने जागरण समूह की ओर से आयोजित फिल्म उत्सव की सराहना करते हुए इसे एक अलग तरह की पहल बताया।
सम्राट चौधरी ने फिल्म उत्सव की सफलता की शुभकामनाएं दीं और कहा कि इसे 'घुमंतू' के बजाय 'चलंतू' नाम दिया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस तरह के आयोजनों को पूरा सहयोग देगी।
भोजपुरी फिल्मों में डबल मीनिंग पर जताई आपत्ति
मुख्यमंत्री ने भोजपुरी फिल्मों और गानों में इस्तेमाल होने वाले डबल मीनिंग कंटेंट पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामग्री से बिहार की छवि प्रभावित होती है। सम्राट चौधरी ने बताया कि उन्होंने कला एवं संस्कृति मंत्री को इस दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने फिल्म निर्माताओं से अपील की कि वे बिहार में हो रहे सकारात्मक बदलाव और समाज के अच्छे कार्यों को फिल्मों के जरिए सामने लाएं। उन्होंने कहा कि बिहार की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक बदलावों को फिल्मों की कहानी का हिस्सा बनाया जा सकता है। इससे राज्य की पहचान को भी व्यापक स्तर पर सामने लाने में मदद मिलेगी।
बाढ़ की समस्या पर भी बोले CM
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार में बाढ़ की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य को नेपाल और दूसरे राज्यों से आने वाले पानी के कारण परेशानी होती है। सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए 'कंक्रीट सोच' के साथ काम कर रही है। उनका कहना था कि बाढ़ से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री बोले- बिहार में बदला माहौल
कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि बिहार में पिछले कुछ समय में माहौल बदला है। उन्होंने कहा कि पहले लोगों के मन में राज्य को लेकर डर की धारणा थी और लोग यहां आने से कतराते थे। मंत्री के मुताबिक, अब बिहार में फिल्मों की शूटिंग और फिल्म फेस्टिवल जैसे आयोजन हो रहे हैं। उन्होंने इसे राज्य में आए बदलाव का हिस्सा बताया। फिल्म उत्सव के मंच से मुख्यमंत्री और कला एवं संस्कृति मंत्री ने बिहार की संस्कृति, फिल्म निर्माण और राज्य की बदलती छवि को लेकर अपने विचार रखे।