राजगढ़ जिले के ब्यावरा-इंदौर बायपास पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ब्यावरा के देहात थाना क्षेत्र में भोपाल बायपास के पास बने घुमावदार ट्राएंगल ब्रिज पर इंदौर जा रही एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना भीषण था कि 5 यात्रियों की मौके पर ही मौ हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर चीख-पुकार का माहौल बन गया।
90 डिग्री के मोड़ पर बेकाबू हुई बस
जानकारी के मुताबिक स्लीपर बस ब्यावरा से इंदौर की ओर जा रही थी। इसी दौरान भोपाल बायपास के पास बने ट्राएंगल ब्रिज के करीब 90 डिग्री के खतरनाक मोड़ पर बस अचानक अनियंत्रित हो गई। बस सड़क पर तिरछी होकर काफी दूर तक घिसटती चली गई।
हादसे के वक्त बस में सवार ज्यादातर यात्री गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक हुई टक्कर से यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बस के शीशे टूटने और जोरदार झटके के कारण कुछ यात्री ओवरब्रिज से नीचे जा गिरे। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर कई यात्री गंभीर रूप से घायल हालत में मिले।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
बस के दुर्घटनाग्रस्त होते ही आसपास मौजूद लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। देखते ही देखते घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। हादसे में घायल यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश की गई और पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की मदद ली गई। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को ब्यावरा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
एसपी-एसडीएम समेत प्रशासनिक अमला पहुंचा
हादसे की सूचना मिलते ही एसपी, एसडीएम और देहात थाना पुलिस समेत प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर पहुंच गया। अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया और राहत-बचाव कार्य की निगरानी की। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ मृतकों के शवों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया।
प्राथमिक जांच में ट्राएंगल ब्रिज के 90 डिग्री वाले बेहद घुमावदार मोड़ को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बस की रफ्तार कितनी थी, मोड़ पर चालक का नियंत्रण क्यों बिगड़ा और क्या सड़क की बनावट या अन्य किसी कारण से दुर्घटना हुई।
इस भीषण हादसे के बाद एक बार फिर खतरनाक मोड़ों और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन द्वारा घटनास्थल का तकनीकी निरीक्षण भी कराया जा सकता है, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।