राज्यसभा सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने समाजसेवी भगत पूर्ण सिंह जी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भगत पूर्ण सिंह के मानव सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने की अपील की है।
34वीं पुण्यतिथि पर उठी मांग
भगत पूर्ण सिंह जी की 34वीं पुण्यतिथि के संदर्भ में लिखे पत्र में संत सीचेवाल ने कहा कि उनका पूरा जीवन सेवा, त्याग, सादगी और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। गुरबाणी से प्रेरणा लेकर उन्होंने जीवन के अंतिम क्षण तक जरूरतमंदों की सेवा को अपना धर्म बनाए रखा।
पीठ पर उठाकर लाए थे बेसहारा व्यक्ति
संत सीचेवाल ने पत्र में भगत पूर्ण सिंह के जीवन की उस महत्वपूर्ण घटना का भी उल्लेख किया, जब देश के विभाजन के समय उन्होंने एक अपाहिज और बेसहारा व्यक्ति प्यारा सिंह को अपनी पीठ पर उठाकर अमृतसर लाया था। यही घटना उनके सेवा-जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बनी। इसके बाद उन्होंने ‘पिंगलवाड़ा’ की स्थापना की। यहां लावारिस, दिव्यांग, मानसिक रूप से पीड़ित, बुजुर्ग और बेसहारा लोगों के लिए आश्रय, उपचार तथा सम्मानजनक जीवन की व्यवस्था की गई।
1979 में मिला था पद्म श्री
भारत सरकार ने भगत पूर्ण सिंह की सेवाओं को मान्यता देते हुए वर्ष 1979 में उन्हें ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया था। संत सीचेवाल ने कहा कि भगत पूर्ण सिंह की मानव सेवा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक है।
भारत रत्न देने की अपील
संत सीचेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि भगत पूर्ण सिंह के निःस्वार्थ सेवा-भाव, मानवता के प्रति समर्पण और पर्यावरण संरक्षण में योगदान को देखते हुए उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने पर विचार किया जाए।