मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने रविवार को मुंबई में संयुक्त प्रदर्शन किया। शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की ओर से आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मार्च बायकुला से शुरू होकर BMC मुख्यालय की ओर बढ़ा।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल
प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर है। उद्धव और राज ठाकरे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। दोनों नेताओं ने इस मार्च को चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े सवालों को लेकर आयोजित आंदोलन बताया है।
मार्च में नहीं दिखे पार्टी के झंडे
इस प्रदर्शन की एक खास बात यह रही कि मार्च में दोनों दलों के पार्टी झंडों के बजाय केवल तिरंगा रखने की अपील की गई थी। आयोजकों ने इसे राजनीतिक दलों से आगे एक व्यापक सार्वजनिक मुद्दे के रूप में पेश करने की कोशिश की।
कांग्रेस और NCP-SP ने भी दिया समर्थन
उद्धव और राज ठाकरे के इस मार्च को कांग्रेस और NCP-SP का भी समर्थन मिला। दोनों दलों के नेताओं ने प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की थी। इससे यह मार्च विपक्षी दलों की संयुक्त भागीदारी वाला प्रदर्शन बन गया।
SIR पर रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
SIR को लेकर विवाद के बीच इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता सूची और SIR से जुड़े फैसले शामिल थे। चुनाव आयोग ने अलग-अलग राय और टिप्पणियों को संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बताया है और अपने आदेशों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी बताया है।
दिल्ली और मुंबई में लगातार प्रदर्शन
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। 2 अक्टूबर को मुंबई में CJP की ओर से भी प्रदर्शन किया गया था, जबकि दिल्ली में छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी।
CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने का ऐलान किया
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। उन्होंने 10 अक्टूबर को देशभर से लोगों के दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है। CJP का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।