दिवाली से पहले मध्यप्रदेश के बिजली विभाग में बड़ा आंदोलन हो सकता है। साढ़े चार हजार से ज्यादा संविदा अधिकारी-कर्मचारी नियमितीकरण की परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन योजना जारी होने के बावजूद अब तक परीक्षा का नोटिफिकेशन नहीं आया। अब कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दे दी है।
परीक्षा का नोटिफिकेशन क्यों अटका?
बिजली कंपनियों में काम कर रहे संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित करने की योजना जारी हो चुकी है। इसके तहत परीक्षा में सफल कर्मचारियों की मेरिट लिस्ट तैयार की जानी है। लेकिन ऊर्जा विभाग की ओर से अब तक परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मेरिट में बोनस अंकों का भी फायदा
योजना के मुताबिक, नियमितीकरण के लिए होने वाली परीक्षा में मिले अंकों के साथ संविदा सेवा के आधार पर मिलने वाले बोनस अंक भी जोड़े जाएंगे। यानी लंबे समय से बिजली कंपनियों में सेवा दे रहे कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि का लाभ भी मेरिट में मिलना है। लेकिन परीक्षा प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से पूरी योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
5 अक्टूबर की डेडलाइन
यूनाइटेड फोरम फॉर पॉवर एम्प्लाइज एसोसिएशन ने ऊर्जा विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि अगर 5 अक्टूबर तक परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी आंदोलन शुरू करेंगे। पहले चरण में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
दिवाली से पहले बढ़ सकता है दबाव
संविदा कर्मचारियों का कहना है कि नियमितीकरण की उम्मीद में वे लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। योजना जारी होने के बाद उन्हें लगा था कि अब परीक्षा की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, लेकिन नोटिफिकेशन में देरी से नाराजगी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि 5 अक्टूबर तक सरकार परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करती है या फिर दिवाली से पहले बिजली कंपनियों के हजारों संविदा कर्मचारी सड़कों पर उतरते हैं।